फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   univercity

वैदिक ज्ञान के पीछे लगे हैं पाश्चात्य देश

Mon, 20 Jan 2020 01:45 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jan 2020 01:45 AM IST
विज्ञापन
univercity
वाराणसी। वैदिक विज्ञान के पीछे आज पाश्चात्य देश लगे हैं, वे इसके समृद्ध ज्ञान की खोज कर रहे हैं। इसकी अपार संभावनाओं को अपने उपयोग में ला रहे हैं। यह हमारी धरोहर है हम उससे पीछे क्यों हैं हमें इस पर कार्य करने की आवश्यकता है। उक्त विचार महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने व्यक्त किए। वह रविवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पाणिनी भवन सभागार में आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी के समापन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और रानी पद्मावती तारा योगतंत्रादर्श संस्कृत महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में वैदिक विज्ञान के विभिन्न आयाम विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय संस्कृति, संस्कार और संपूर्ण सृष्टि के कल्याण की चिंता वेदों के माध्यम से करके भारत विश्व गुरु बना। संपूर्ण वसुधैव परिवार है इसे सुरक्षित एवं संरक्षित करने के लिए हमें वेदों की तरफ ध्यान देने की आवश्यकता है।
विज्ञापन

अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने कहा कि वेदों में पर्यावरण का पूरा ध्यान रखा गया है। यदि उसके माध्यम से चलते तो इतना विषधारी वातावरण उत्पन्न न होता। इस दौरान प्रो. महेंद्र नाथ पांडेय, डॉ. लक्ष्मीकांत पाठक, डॉ. विशाखा शुक्ला को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. रत्नेश झा, प्रो. हरप्रसाद दीक्षित, प्रो. हरि प्रसाद अधिकारी, प्रो. जानकी प्रसाद द्विवेदी, डॉ. वेदानंद झा मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed