ओवरलोडिंग रोकने के लिए केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश के मुख्य सचिव से की वार्ता
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कर्मनाशा नदी के पक्के पुल के खराब होने के बाद अस्थायी पुल बनाया गया है। लेकिन, ओवरलोड वाहनों के चलने से इस पुल का भी आधार खिसकने लगा है। इसकी शिकायत मिलने पर केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने सोमवार को प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी तथा अपर मुख्य सचिव गृह विभाग अवनीश अवस्थी से वार्ता की है।
उन्होंने मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव से कहा कि बिहार शासन से वार्ता कर ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाएं, ताकि अस्थायी पुल सुरक्षित और यूपी-बिहार का आवागमन सुचारु रहे। डॉ. पांडेय ने स्थानीय स्तर पर जिलाधिकारी चंदौली नवनीत सिंह तथा पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल से भी वार्ता कर बिहार के सीमावर्ती जिले के अधिकारीयों से अपने स्तर पर बात कर तत्काल ओवरलोड वाहनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए निर्देश दिए।
कर्मनाशा का पक्का पुल दिसंबर 2019 में क्षतिग्रस्त हो गया था। तब केंद्रीय मंत्री एवं सांसद की पहल पर नदी पर वैकल्पिक पुल का निर्माण कराया गया था। लेकिन ओवरलोड के चलते पुल खराब होने लगा। वहीं, बारिश में अस्थायी पुल पर आवागमन ठप हो जाएगा। इसे संज्ञान में लेते हुए डॉ. पांडेय ने सड़क मंत्रालय से बात कर क्षतिग्रस्त नए पक्के पुल का मरम्मत कार्य भी शुरू कराया था।
लॉकडाउन के चलते मरम्मत कार्य बारिश से पहले पूरा नहीं हो पाएगा। इसे देखते केंद्रीय मंत्री की पहल पर एनएचएआई ने कर्मनाशा नदी पर अंग्रेजों के समय बने पक्के पुल की मरम्मत शुरू कराई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पुुराने पुल की लोड टेस्टिंग बाकी है। पुराने पुल से 20 दिन में आवागमन शुरू हो जाएगा।