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यूजीसी ने जारी की यूपी के फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 01 Sep 2018 01:18 PM IST
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने उत्तर प्रदेश में संचालित आठ फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी की है। संचालित फर्जी विश्वविद्यालय की जांच के लिए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। फर्जी विश्वविद्यालय के खिलाफ एफआईआर कराकर कमेटी जांच करेगी। फर्जी विश्वविद्यालयों में वाराणसी का वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय है।
उच्च शिक्षा निदेशक ने काशी विद्यापीठ के कुलसचिव के पत्र लिखकर इस विश्वविद्यालय के खिलाफ एफआईआर कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी में समाज विज्ञान संकाय के डीन प्रो. नंदलाल, प्रो. केएस जायसवाल और कुलसचिव डॉ. एसएल मौर्या शामिल हैं।
कुलसचिव डॉ. एसएल मौर्य ने बताया कि शासन के निर्देश पर कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी फर्जी विश्वविद्यालय की जांच कर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। बनारस में जिस विश्वविद्यालय को फर्जी घोषित किया गया है, दरअसल वह संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का पुराना नाम है।
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1791 में शासकीय संस्कृत महाविद्यालय के तौर पर इसकी स्थापना हुई थी। उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. संपूर्णानंद की कोशिशों के बाद 22 मार्च 1958 में इसे विश्वविद्यालय का दर्जा मिला। उस वक्त इसका नाम वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय रखा गया था। 1974 में इसका नाम बदलकर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय रखा गया।
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उच्च शिक्षा निदेशक ने काशी विद्यापीठ के कुलसचिव के पत्र लिखकर इस विश्वविद्यालय के खिलाफ एफआईआर कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी में समाज विज्ञान संकाय के डीन प्रो. नंदलाल, प्रो. केएस जायसवाल और कुलसचिव डॉ. एसएल मौर्या शामिल हैं।
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कुलसचिव डॉ. एसएल मौर्य ने बताया कि शासन के निर्देश पर कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी फर्जी विश्वविद्यालय की जांच कर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। बनारस में जिस विश्वविद्यालय को फर्जी घोषित किया गया है, दरअसल वह संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का पुराना नाम है।
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1791 में शासकीय संस्कृत महाविद्यालय के तौर पर इसकी स्थापना हुई थी। उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. संपूर्णानंद की कोशिशों के बाद 22 मार्च 1958 में इसे विश्वविद्यालय का दर्जा मिला। उस वक्त इसका नाम वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय रखा गया था। 1974 में इसका नाम बदलकर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय रखा गया।
आठ फर्जी विश्वविद्यालय
वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी
-वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी
-महिला ग्राम विद्यापीठ, इलाहाबाद
-गांधी हिंदी विद्यापीठ, प्रयाग, इलाहाबाद
-नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्रो कॉम्प्लेक्स होमियोपैथी, कानपुर
-नेताजी सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी, अलीगढ़
-उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय, मथुरा
-महाराणा प्रताप शिक्षा निकेतन विश्वविद्यालय, प्रतापगढ़
-इंद्रप्रस्थ शिक्षा परिषद, नोएडा
-महिला ग्राम विद्यापीठ, इलाहाबाद
-गांधी हिंदी विद्यापीठ, प्रयाग, इलाहाबाद
-नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्रो कॉम्प्लेक्स होमियोपैथी, कानपुर
-नेताजी सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी, अलीगढ़
-उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय, मथुरा
-महाराणा प्रताप शिक्षा निकेतन विश्वविद्यालय, प्रतापगढ़
-इंद्रप्रस्थ शिक्षा परिषद, नोएडा