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काशी में दो शंकराचार्य साथ: आज से करेंगे कोरोना में मरने वालों का श्राद्ध, वैदिक ब्राह्मणों द्वारा होगा तर्पण

Sat, 07 Oct 2023 10:30 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sat, 07 Oct 2023 10:30 AM IST
सार

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती काशी प्रवास के दौरान कोरोना से मरने वाले लोगों की आत्मा की सद्गति के लिए धर्मानुष्ठान की आज से शुरूआत करेंगे। शंकराचार्य ने बताया कि कोरोना काल में जितने भी लोग देश और विदेश में असमय काल कवलित हुए थे और जिन लोगों का विधि-विधान से अंतिम संस्कार तक नहीं हो पाया था।

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Two Shankaracharyas together in varanasi Shraddha will be performed for those who died due to Corona
काशी में दो शंकराचार्य साथ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चातुर्मास की समाप्ति के बाद काशी में दो शंकराचार्य विराजमान हैं। ज्योतिष्पीठ के पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जहां कोरोना काल में मरने वालों के लिए मुक्ति कथा कहेंगे वहीं कांची पीठ के शंकराचार्य मातृ शक्ति के मोक्ष की कामना से मातृ नवमी पर अनुष्ठान करेंगे। कांची के शंकराचार्य अपने 88 दिनों की काशी यात्रा पर हैं तो वहीं ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य 90 दिनों का 21वां चातुर्मास पूर्ण करने के बाद मध्य प्रदेश से वाराणसी पहुंचे हैं।

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ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती काशी प्रवास के दौरान कोरोना से मरने वाले लोगों की आत्मा की सद्गति के लिए धर्मानुष्ठान की आज से शुरूआत करेंगे। शंकराचार्य ने बताया कि कोरोना काल में जितने भी लोग देश और विदेश में असमय काल कवलित हुए थे और जिन लोगों का विधि-विधान से अंतिम संस्कार तक नहीं हो पाया था। उन सभी की सद्गति के लिए काशी में श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा आयोजित होगी। इसके साथ ही वैदिक ब्राह्मणों द्वारा उनके लिए तर्पण के कृत्य भी संपन्न होंगे। कोरोना में मरने वालों के लिए यह धर्मानुष्ठान सात से 13 अक्तूबर तक अनवरत चलेगा। 

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कांची कामकोटि पीठाधीश्वर शंकराचार्य शंकर विजयेन्द्र सरस्वती महाराज का चातुर्मास पूर्ण होने के बाद शहर भर की संस्थाओं और समाज की ओर से स्वागत समारोह का आयोजन किया जा रहा है। शंकराचार्य मातृनवमी पर काशी में अनुष्ठान पूर्ण करने के बाद अयोध्या प्रवास पर रवाना हो जाएंगे। अयोध्या में वह सरयू के तट पर 13 अक्तूबर को अयोध्या आंदोलन में मरने वाले कारसेवकों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध व तर्पण करेंगे।

जय-जय शंकर, हर-हर शंकर से हुआ शंकराचार्य का स्वागत

काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सदस्य के वेंकटरमण घनपाठी के हनुमान घाट स्थित आवास पर कांची के शंकराचार्य शंकर विजयेंद्र सरस्वती के स्वागत समारोह का आयोजन हुआ। शंकराचार्य का स्वागत आर शिवकुमार शास्त्री एवं आर शंकर नारायण ने पूर्ण कुंभ देकर किया। इस अवसर पर भक्तों ने शंकराचार्य की आरती उतारी और जय-जय शंकर ,हर हर शंकर के उद्घोष के साथ स्वागत किया।

शंकराचार्य ने कहा कि हमारे पूर्वजों द्वारा वेदों का संरक्षण होता आया है, इस परंपरा को हम सभी को वेदों का नियमित अध्ययन करके आगे बढ़ाना चाहिए और आने वाली युवा पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति प्रेरित करना चाहिए। इस दौरान विधायक नीलकंठ तिवारी, कांची मठ के प्रबंधक वीएस सुब्रमण्यम मणि, वी एस चंद्रशेखर उपस्थित थे।

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