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वाराणसी: साड़ी कारोबारियों के साथ ठगी करने वाले दो बदमाश गिरफ्तार, फर्जी फर्म पर करते थे खरीदारी, चेक देकर हो जाते थे फरार
Thu, 23 Sep 2021 04:27 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Thu, 23 Sep 2021 04:27 PM IST
सार
साड़ी कारोबारियों से ठगी करने वाले गिरोह के दो बदमाशों को सिगरा पुलिस ने बृहस्पतिवार को सिद्धगिरी बाग से गिरफ्तार किया। ब्रांडेड कंपनियों की डुप्लीकेट फर्म के नाम पर साड़ी कारोबारियों से खरीददारी कर फर्जी चेक देने वाले इन दो आरोपियों पर धोखाधड़ी के सात मुकदमे दर्ज हैं।
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- फोटो : istock
विस्तार
साड़ी कारोबारियों से ठगी करने वाले गिरोह के दो बदमाशों को सिगरा पुलिस ने बृहस्पतिवार को सिद्धगिरी बाग से गिरफ्तार किया। ब्रांडेड कंपनियों की डुप्लीकेट फर्म के नाम पर साड़ी कारोबारियों से खरीददारी कर फर्जी चेक देने वाले इन दो आरोपियों पर धोखाधड़ी के सात मुकदमे दर्ज हैं। दोनों केे पास से फर्जी पासबुक, चेकबुक, विभिन्न अधिकारियों व फर्मों के मोहरें, स्टांप व अन्य दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी 50 से अधिक की धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
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पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के अनुसार शहर में साड़ी कारोबारियों के साथ धोखाधड़ी की लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं। तफ्तीश कराई गई तो सिगरा थाने में एक ही गिरोह पर सात मुकदमे दर्ज थे। सुबह लगभग दस बजे सिगरा थाने की पुलिस को सूचना मिली कि धोखाधड़ी के सात मुकदमों में वांछित मंडुवाडीह थाना अंतर्गत अमला नगर लहरतारा निवासी राजू कुमार और अंशु गुप्ता सिद्धगिरी बाग में मौजूद है।
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इस पर इंस्पेक्टर अनूप शुक्ला के नेतृत्व में टीम ने दोनों को गिरफ्तार किया। मूलरूप से दोनों बलिया जिले केसिकंदरपुर स्थित देवकली गांव के रहने वाले हैं। दोनों के कब्जे से चेकबुक, पासबुक और अन्य कई फर्मों के मोहरें आदि दस्तावेज बरामद हुआ।
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धोखाधड़ी के बाद फर्म बंद कर हो जाते थे गायब
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने बताया कि पहले बुनकरों और साड़ी कारोबारियों को विश्वास में लेते थे और उनसे दस से पंद्रह लाख की खरीद-फरोख्त करते थे। विश्वास जम जाने पर 10-15 लाख रुपये की खरीददारी करके फर्जी चेक देते थे और फर्म बंद कर गायब हो जाते थे। ब्रांडेड कपड़े की डुप्लीकेट फर्म बनाना इनके बाएं हाथ का खेल था। बनारस सहित आसपास के जनपदों में लगभग 50 से अधिक की ठगी की गई है।
बनारस सहित अन्य जिलों में फैला है जाल
गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी पुलिस जुटा रही है। ठग गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। यह गिरोह आनलाइन और आफलाइन दोनों तरह से ठगी करता था। दोनों के कमरे की तलाशी ली गई तो बुनकरों के नाम और फोन नंबरों की लिस्ट बरामद हुई।