Varanasi: रेड लाइट एरिया प्रकरण में दो दोषियों को 15 साल की जेल, किशोरियों से कराते थे जबरन देह व्यापार
वाराणसी के शिवदासपुर रेड लाइट एरिया में पश्चिम बंगाल की किशोरियों से जबरन देह व्यापार कराने के 17 वर्ष पुराने मामले में अदालत ने दो अभियुक्तों को दोषी पाया है। दोनों को 15 साल की कड़ी कैद और 25-25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
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वाराणसी के 17 पुराने रेड लाइट एरिया प्रकरण में कोर्ट ने शुक्रवार को दो दोषियों को 15 साल की कड़ी कैद और 25-25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने मंडुआडीह थाना क्षेत्र के शिवदासपुर रेड लाइट एरिया में किशोरियों से जबरन अनैतिक देह व्यापार कराने के मामले में पूर्व प्रधान पप्पू उर्फ प्रेम प्रकाश और राजेश उर्फ लंगड़ा को दोषी करार दिया और सजा सुनाई।
मामले में तत्कालीन विवेचक व वर्तमान अपर पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह, गुड़िया संस्था के अजीत सिंह समेत 10 गवाहों का बयान महत्वपूर्ण रहा। सभी किशोरियों पश्चिम बंगाल से लाई गईं थी। एडीजीसी रोहित मौर्य व पीड़िता के अधिवक्ता गोपाल कृष्ण के मुताबिक इन दोनों अभियुक्तों को पीड़िता की तरफ से कोर्ट में 319 सीआरपीसी के तहत दिए गए आवेदन पर 11 अगस्त 2016 को बतौर अभियुक्त तलब किया गया।
अदालत ने विचारण के बाद इन अभियुक्तों को आईपीसी और अनैतिक देह व्यापार की कई धाराओं में दोषी पाया। जिसमें 7, 10 व 15 वर्ष की अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई गई। जो एक साथ चलेंगे। ऐसे में इन्हें 15 वर्ष अधिकतम सजा काटनी होगी।
रेड लाइट एरिया से मुक्त किशोरियों ने किए थे खौफनाक खुलासे
सीडब्ल्यूसी की अध्यक्षा रोली सिंह के आदेश और एसपी सिटी के निर्देश पर तत्कालीन क्षेत्राधिकारी टीएन त्रिपाठी की टीम ने 13 नवंबर 2005 को रेड लाइट एरिया शिवदासपुर में छापा मारा था। तीन ठिकानों से सात किशोरियों को मुक्त कराया था। प्रकरण में मेहताब, जैकी, मंटर, रहमत, अफजल, शेरू, राजा, काली व उसकी बहन मुखिया के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
जिसमें मेहताब और अफजल के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार समेत कई धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। पीड़िताओं ने बयान दिया था कि उन्हें पश्चिम बंगाल से प्रलोभन देकर यहां लाया गया था। जबरन देह व्यापार कराया जाता था। इनकार करने पर तरह-तरह से शारीरिक यातना दी जाती थी। आरोपियों का संगठित गिरोह है और इसके अनैतिक देह व्यापार कराकर धन अर्जित किया जाता रहा।
दो को हो चुकी है 10 वर्ष की सजा
इस मामले में अफजल व काली को पहले ही 10 वर्ष की सजा हो चुकी है। दो का मामला विचाराधीन है। 4 आरोपी अभी भी फरार बताए गए हैं। सजा पाने वालों में लंगड़ा कानपुर का है जबकि पप्पू उर्फ प्रेमप्रकाश शिवदासपुर का ही है।