फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Treated water to meet one-third of non-potable water needs by 2040; reuse plan ready for Varanasi.

Varanasi News: 2040 तक गैर-पेयजल की एक-तिहाई जरूरत पूरी करेगा ट्रीटेड पानी, वाराणसी के लिए तैयार हुआ रियूज प्लान

Tue, 14 Jul 2026 01:39 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2026 01:39 AM IST
विज्ञापन
Treated water to meet one-third of non-potable water needs by 2040; reuse plan ready for Varanasi.
वाराणसी। वाराणसी में उपचारित (ट्रीटेड) सीवेज के पुन: उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, वाराणसी नगर निगम और काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) की ओर से तैयार ''सिटी लेवल एक्शन प्लान फॉर रियूज ऑफ ट्रीटेड वॉटर फॉर वाराणसी'' रिपोर्ट सोमवार को नई दिल्ली में लॉन्च की गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने ऑल इंडिया वॉटर रिसोर्स सेक्रेटरीज कॉन्फ्रेंस में इस रिपोर्ट का विमोचन किया। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2040 तक वाराणसी में गैर-पेयजल की करीब एक-तिहाई जरूरत ट्रीटेड पानी से पूरी की जा सकेगी।
विज्ञापन

केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी में वर्तमान में उपलब्ध उपचारित जल का 30 प्रतिशत तक पुन: उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए 12 संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां 91 से 127 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) ट्रीटेड पानी का उपयोग संभव है। वर्ष 2040 तक यह शहर की गैर-पेयजल जरूरत का करीब 35 प्रतिशत, यानी लगभग एक-तिहाई हिस्सा पूरा कर सकता है।
विज्ञापन

वर्तमान में वाराणसी में प्रतिदिन 465 एमएलडी सीवेज उत्पन्न होता है। इसके मुकाबले 422 एमएलडी की सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता उपलब्ध है, लेकिन सीवरेज नेटवर्क अधूरा होने के कारण केवल 354 एमएलडी (76 प्रतिशत) सीवेज का ही उपचार हो पा रहा है। शहर के सिर्फ 38 प्रतिशत घर केंद्रीय सीवरेज नेटवर्क से जुड़े हैं, जबकि शेष गंदा पानी 43 नालों के माध्यम से वरुणा नदी और गंगा में पहुंचता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ''वॉटर विजन-2047'' को साकार करने के लिए पानी की हर बूंद का बेहतर उपयोग जरूरी है। वाराणसी के लिए तैयार यह कार्ययोजना शहरी विकास, जल संरक्षण और गंगा जैसी पवित्र नदियों की स्वच्छता को मजबूत करने का प्रभावी मॉडल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर के फेलो डॉ. नितिन बस्सी ने कहा कि वाराणसी में उपचारित जल के उपयोग के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा पहले से मौजूद है। अब जरूरत सीवरेज नेटवर्क के विस्तार, उपचारित जल की गुणवत्ता बढ़ाने और उसे वास्तविक मांग से जोड़ने की है। यदि उद्योगों और व्यावसायिक संस्थानों को टर्शियरी ट्रीटेड पानी उपलब्ध कराया जाए तो इससे संचालन एवं रखरखाव की बड़ी लागत की भरपाई हो सकती है और शहर में ट्रीटेड पानी का सशक्त बाजार विकसित होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed