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डीरेका की नई पहल, अब रेलवे ट्रैक और पायलट पर होगी सीधी नजर
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 31 May 2017 11:36 AM IST
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ट्रेन परिचालन को सुरक्षित बनाने व रेल हादसों के बाद उनकी वजह जानने के मकसद से डीरेका रेल इंजनों को कैमरे और वाइस रिकॉर्डर से लैस करने जा रहा है। एक रेल इंजन में छह वीडियो कैमरे लगेंगे जो रात हो या दिन फोटो व वीडियो बनाने में सक्षम होंगे।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 25 डीजल रेल इंजनों में कैमरे लगाए जाएंगे। फिलहाल 12 इंजनों में प्रक्रिया शुरू हो गई है। इनमें प्रत्येक पर लगभग 3.2 लाख रुपये की लागत आएगी।
रेल दुर्घटना के कारणों को समझने और पायलट की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए डीरेका एलसीवीआर (लोको कैब वीडियो एंड वाइस रिकॉर्डिंग) सिस्टम इंजन में लगाने जा रहा है। इससे ट्रेन के सामने और केबिन में नजर रखी जाएगी। इससे कोहरे के सीजन में भी सहयोग मिलेगा।
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इसके अलावा वाइस रिकॉर्डर के माध्यम से पायलट के बीच होने वाली बातचीत का ब्योरा भी जांच के दौरान उपलब्ध हो सकेगा। भविष्य में कैमरों को लोको कंट्रोल कंप्यूटर से जोड़ा जाएगा जिससे यह सीधे सर्वर से जुड़ जाएंगे और कहीं से भी ट्रेन के अंदर या बाहर ऑनलाइन देखा जा सकेगा।
डीरेका के चीफ डिजाइन इंजीनियर एके सिंह ने बताया कि एक इंजन में छह कैमरे लगाए जाने हैं। इनसे इंजन के पायलट और सावधानी व सतर्कता से काम करेंगे तो वहीं दुर्घटना के कारणों की जांच में भी सहयोग मिलेगा।
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पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 25 डीजल रेल इंजनों में कैमरे लगाए जाएंगे। फिलहाल 12 इंजनों में प्रक्रिया शुरू हो गई है। इनमें प्रत्येक पर लगभग 3.2 लाख रुपये की लागत आएगी।
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रेल दुर्घटना के कारणों को समझने और पायलट की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए डीरेका एलसीवीआर (लोको कैब वीडियो एंड वाइस रिकॉर्डिंग) सिस्टम इंजन में लगाने जा रहा है। इससे ट्रेन के सामने और केबिन में नजर रखी जाएगी। इससे कोहरे के सीजन में भी सहयोग मिलेगा।
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इसके अलावा वाइस रिकॉर्डर के माध्यम से पायलट के बीच होने वाली बातचीत का ब्योरा भी जांच के दौरान उपलब्ध हो सकेगा। भविष्य में कैमरों को लोको कंट्रोल कंप्यूटर से जोड़ा जाएगा जिससे यह सीधे सर्वर से जुड़ जाएंगे और कहीं से भी ट्रेन के अंदर या बाहर ऑनलाइन देखा जा सकेगा।
डीरेका के चीफ डिजाइन इंजीनियर एके सिंह ने बताया कि एक इंजन में छह कैमरे लगाए जाने हैं। इनसे इंजन के पायलट और सावधानी व सतर्कता से काम करेंगे तो वहीं दुर्घटना के कारणों की जांच में भी सहयोग मिलेगा।