वाराणसी में भीषण ट्रैफिक जाम: 12 लाख टूरिस्ट, 67 हजार गाड़ियां; गिरजाघर- गोदौलिया वाली एक लेन कर दी बंद
Varanasi Traffic Jam: वाराणसी शहर में जाम की समस्या से लोग कई दिनों से जूझ रहे हैं। इसी तरह सोमवार को भी शहर के कई इलाकों में जाम के चलते कई किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगी रही।
विस्तार
प्रयागराज के महाकुंभ के पलट प्रवाह से उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण सोमवार की सुबह एक बार फिर शहर के कोने-कोने में जाम लग गया। हालत यह रहा कि शहर की सड़कों पर वाहन रेंग रहे थे। इसके चलते बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही शहरवासियों को भी खासा परेशान होना पड़ा। सोमवार को शहर में करीब 67 हजार गाड़ियां आईं। विभिन्न साधनों से करीब 12 लाख लोग शहर में आए। साथ ही अलग-अलग इलाकों में दो से तीन घंटे जाम लगा रहा।
मोहनसराय चौराहा, डाफी, टेंगरा मोड़, रामनगर से सामने घाट पुल, पड़ाव से राजघाट मार्ग, चौकाघाट, रथयात्रा से कमच्छा होते हुए भेलूपुर मार्ग, सुसुवाही, लंका से नरिया मार्ग पर भोगाबीर मोड़ तक, रवींद्रपुरी, तेलियाबाग, लहुराबीर, जगतगंज, बनारस स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार से लहरतारा मार्ग सहित शहर के अन्य इलाकों में वाहन रेंगते नजर आए। दोपहर लगभग 12 बजे से पुलिस पूरी क्षमता और तत्परता के साथ सड़कों पर उतरी। यूपी-65 के अलावा बाहरी वाहनों के शहर आगमन पर रोक लगाई गई, तब जाकर स्थिति नियंत्रित हुई। हालांकि शाम होते ही चितईपुर, भिखारीपुर, ककरमत्ता, मंडुवाडीह चौराहा होते हुए लहरतारा तक की सड़क एक बार फिर चोक हो गई।
डाफी से टेंगरा मोड़ के बीच एनएचएआई के काम ने बढ़ाई दिक्कत
डाफी से टेंगरा मोड़ के बीच लौटूबीर पुलिया के ऊपर और मलहिया अंडरपास पर इन दिनों सड़क की मरम्मत का काम चल रहा है। इसके चलते फोर लेन रोड टू लेन में परिवर्तित हो गई है। मरम्मत के इस काम ने हाईवे पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगा दी है। इसके चलते डाफी टोल प्लाजा के पहले से टेंगरा मोड़ के आगे तक भीषण जाम की स्थिति रह रही है। वाहनों का दबाव इतना ज्यादा है कि पुलिस के लाख प्रयास के बाद भी स्थिति नियंत्रित नहीं हो पा रही है।
मोहनसराय चौराहे पर जाम की स्थिति हमेशा बनी रह रही है। दरअसल, बनारस के नंबर के वाहन और सरकारी बस को ही शहर के अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है। बाकी वाहनों को अखरी बाईपास की तरफ भेजा जा रहा है। इसके चलते राजातालाब से अखरी की तरफ जाने वाली एक लेन जाम रह रही है। वाहन धीरे-धीरे रेंगते हुए बढ़ रहे हैं।
सड़क किनारे खड़े वाहनों के चलते लगा जाम
जाम में फंसने से राहगीरों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चंदौली के नाथूपुर निवासी गुफरान ने बताया कि बीएचयू ट्रॉमा सेंटर जाना था। मगर, रामनगर से सामने घाट पुल तक का रास्ता तय करने में एक घंटे से अधिक का समय लग गया। मिर्जापुर के कैलहट निवासी हरिशंकर पांडेय ने कहा कि लंका से घर जा रहे थे। मगर, आधा घंटे से ज्यादा समय तो सिर्फ सामने घाट पुल को पार करने में ही लगा। अलीगढ़ निवासी दक्ष उपाध्याय ने कहा कि प्रयागराज से बड़ी मुश्किल से काशी पहुंचे हैं। गंगा स्नान कर दोपहर दो बजे से कतार में लगे और 5.15 बजे बांसफाटक तक ही पहुंच पाए।
विश्वनाथ धाम के इर्द-गिर्द की सड़कों के साथ गलियां भी चोक
श्री काशी विश्वनाथ धाम की ओर आने वाले सभी मार्गों पर इन दिनों श्रद्धालुओं के हुजूम का भारी दबाव है। हालत यह है कि भीड़ प्रबंधन के लिए गोदौलिया से मैदागिन तक के इलाके की गलियों में जगह-जगह पुलिस तैनात की जा रही है। यही स्थिति विश्वनाथ धाम के इर्द-गिर्द के गंगा घाटों की भी है। प्रयागराज से आए पंकज ने कहा कि उन्हें बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने में पांच घंटे का समय लगा। स्थानीय प्रशासन को श्रद्धालुओं के लिए मोबाइल यूरिनल की पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए। प्रतापगढ़ की अंजली ने कहा कि बुजुर्गों और दिव्यांगों की तरह महिलाओं और बच्चों को भी दर्शन में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पीने के पानी की भी व्यवस्था जगह-जगह की जानी चाहिए।