तंबाकू मुक्त दावे कागजी: वाराणसी के गांवों में खुलेआम बिक रहा पान-मसाला..., सड़क पर पी रहे शराब; जानें अपडेट
वाराणसी के बाबतपुर क्षेत्र के कई गांवों को तुंबाकू मुक्त किया गया है। अमर उजाला ने इसकी जमीनी पड़ताल की तो सच्चाई होश उड़ाने वाली निकली। यहां खुलेआम पान-मसाला बिक रहे हैं। लोग दुकान के बाहर खड़े होकर शराब पी रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग ने हरहुआ, पिंडरा, बाबतपुर क्षेत्र के 183 गांवों को तंबाकू मुक्त घोषित कर रखा है। अमर उजाला की पड़ताल में ये दावे कागजी निकले। इन गांवों में शराब और पान-मसाला खुलेआम बिक रहा है और लोग उनका सेवन भी खुलेआम गांव के तिराहे और चबूतरों पर कर रहे हैं। कहीं कोई रोकटोक नहीं है और न ही ग्राम पंचायत समिति की ओर से ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने पिंडरा ब्लॉक के 97 और बड़ागांव के 86 गांवों को तंबाकू मुक्त घोषित कर दिया है। नियमानुसार इन गांवों में तंबाकू बेचने और सेवन करने पर रोक है। यदि सेवन करते हैं या बिक्री करते हैं तो ग्राम प्रधान, समिति के सदस्य या ग्राम पंचायत सचिव जुर्माना वसूल सकते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। बाबतपुर में ही जगह-जगह तंबाकू की बिक्री हो रही है। लोग सड़कों पर शराब पीते दिख जाएंगे।
अमर उजाला की टीम ने बाबतपुर की ग्रामसभा जमालपुर में पड़ताल की तो इंडेन गैस प्लांट के पास ही तंबाकू-सिगरेट की बिक्री हो रही थी और लोग वहीं खड़े होकर सिगरेट पीते और तंबाकू-गुटखा खाते मिले। इसी तरह बड़ागांव के अनेई में पूरे दिन लोग शराब ठेका से शराब लेकर वहीं पीते मिले।
ग्रामीण सुरेशचंद्र ने बताया कि सड़कों पर खड़े होकर लोग रोज ही शराब पीते हैं। कहीं कोई रोकटोक नहीं होती है। पिछले साल सरकार की ओर से लोगों को जागरूक किया गया था लेकिन अभी तक ऐसे ही चल रहा है। वहीं, पिंडरा क्षेत्र के गांव जगदीशपुर के परसहनी चौराहे पर बने ठेके पर भी शाम होते ही भीड़ लग जाती है और यहीं सड़क पर लोग बैठकर शराब पीते हैं। गांव गरथमा, अरहक, रुपचंद्रपुर, गजोखर समेत सभी का यही हाल है।
शहर में सार्वजनिक स्थानों पर भी धड़ल्ले से होता धूम्रपान
सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर धड़ल्ले से धूम्रपान होता है। शहर के प्रमुख जगहों पर भी इस पर कोई रोकटोक नहीं होती है और न ही कोई कार्रवाई होती है।
बीएचयू में डेंटल फैकल्टी के प्रो. टीपी चतुर्वेदी कहते हैं कि कोटपा हवाई अड्डों, 30 या अधिक कमरों वाले होटलों और 30 से अधिक लोगों की क्षमता वाले रेस्तरां में धूम्रपान के लिए निर्दिष्ट क्षेत्रों की मंजूरी देता है। लेकिन खुले में होने वाला धूम्रपान सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। क्योंकि धूम्रपान न करने वाले लोग हानिकारक विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आ सकते हैं और बीमार पड़ सकते हैं।
बोले अधिकारी
शहरी और ग्रामीण इलाकों में तंबाकू की बिक्री पर रोक लगाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाने के साथ ही लोगों को इससे होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया जाता है। जल्द ही पुलिस टीम के सहयोग से चिह्नित इलाकों में अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ