{"_id":"5893735e4f1c1bc64fe8015d","slug":"to-take-power-in-purvanchal-rld-become-with-baahubalis","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्वांचल में ताकत बढ़ाने को रालोद ने लिया बाहुबलियों का सहारा!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्वांचल में ताकत बढ़ाने को रालोद ने लिया बाहुबलियों का सहारा!
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/जौनपुर
Updated Thu, 02 Feb 2017 11:28 PM IST
विज्ञापन
ताकत बढ़ाने के लिए रालोद का जोर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय लोकदल पूर्वांचल में ताकत बढ़ाने के लिए बाहुबलियों का सहारा ले रहा है। खासकर जौनपुर में रालोद ने मछलीशहर के पूर्व सांसद बाहुबली उमाकांत यादव और जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को पार्टी में शामिल कर चुनाव में जोर आजमाईश शुरू कर दी है।
उमाकांत को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। सूत्रों का कहना है कि उमाकांत के पुत्र दिनेश कांत को शाहगंज से प्रत्याशी बनाया गया है।
उधर, अमर उजाला से बातचीत में पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने दावा किया कि उन्हें रालोद से मल्हनी से प्रत्याशी बनाया जाएगा। जल्दी ही इसकी घोषणा की जाएगी।
शाहगंज के भादी निवासी उमाकांत यादव 1991 में बीएसपी से खुटहन विधानसभा से विधायक बने। इसके बाद 1993 में भी सपा बसपा गठबंधन से दूसरी बार विधायक हुए।
2002 के विधानसभा चुनाव में उमाकांत यादव बीजेपी जदयू गठबंधन से खुटहन से चुनाव लड़े लेकिन हार गए। 2004 के लोकसभा चुनाव में उमाकांत यादव तत्कालीन बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केशरीनाथ त्रिपाठी को हराकर मछलीशहर के सांसद बने।
उधर, दो बार विधायक और सांसद रहे धनंजय सिंह का अच्छा प्रभाव क्षत्रियों में है।
सिंगरामऊ के राजा परिवार के मृगेंद्र सिंह शिव बाबा ने भी रालोद का दामन थाम लिया है। दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री कुंवर वीरेंद्र सिंह के भी रालोद से चुनाव लड़ने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उमाकांत को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। सूत्रों का कहना है कि उमाकांत के पुत्र दिनेश कांत को शाहगंज से प्रत्याशी बनाया गया है।
उधर, अमर उजाला से बातचीत में पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने दावा किया कि उन्हें रालोद से मल्हनी से प्रत्याशी बनाया जाएगा। जल्दी ही इसकी घोषणा की जाएगी।
शाहगंज के भादी निवासी उमाकांत यादव 1991 में बीएसपी से खुटहन विधानसभा से विधायक बने। इसके बाद 1993 में भी सपा बसपा गठबंधन से दूसरी बार विधायक हुए।
2002 के विधानसभा चुनाव में उमाकांत यादव बीजेपी जदयू गठबंधन से खुटहन से चुनाव लड़े लेकिन हार गए। 2004 के लोकसभा चुनाव में उमाकांत यादव तत्कालीन बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केशरीनाथ त्रिपाठी को हराकर मछलीशहर के सांसद बने।
विज्ञापन
उधर, दो बार विधायक और सांसद रहे धनंजय सिंह का अच्छा प्रभाव क्षत्रियों में है।
सिंगरामऊ के राजा परिवार के मृगेंद्र सिंह शिव बाबा ने भी रालोद का दामन थाम लिया है। दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री कुंवर वीरेंद्र सिंह के भी रालोद से चुनाव लड़ने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन