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RSS कार्यकर्ता हत्याकांड का खुलासा, इस कारण दिया गया था वारदात को अंजाम
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Tue, 05 Dec 2017 07:11 PM IST
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राजेश मिश्रा की हत्या के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में डेढ़ महीने पहले हुई आरएसएस कार्यकर्ता व पत्रकार राजेश मिश्रा हत्याकांड का पुलिस ने रविवार को खुलासा किया है। जिले के चर्चित राजेश मिश्रा हत्याकांड में एसपी सिटी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने राजू गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।
घटना के दिन गैंग के सदस्यों ने राजेश मिश्रा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया था। जबकि उनके भाई अमितेश गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा ने इसकी जानकारी दी। एसपी ने टीम के सदस्यों को 15 हजार रुपये इनाम देने की भी घोषणा की है। एसपी ने बताया कि बीते 21 अक्तूबर को करंडा थाना क्षेत्र के ब्राह्मणपुरा गांव निवासी आरएसएस कार्यकर्ता राजेश मिश्रा की हत्या की साजिश राजू गैंग ने रची थी।
राजू गैंग के लोग करंडा में बालू खनन तथा शराब की तस्करी करते थे। इसमें पत्रकार राजेश मिश्रा रोड़ा बन रहे थे, यही हत्या की मुख्य वजह बनी। पुलिस पिछले डेढ़ माह से निरंतर गैंग के पीछे लगी हुई थी।
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रविवार को मुखबिर के जरिए सूचना मिली की राजू गैंग के सदस्य करंडा क्षेत्र में मौजूद हैं। करंडा, नंदगंज और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने राजू गैंग के सदस्यों को पकड़ने के लिए नाकेबंदी कर वाहन चेकिंग शुरू कर दी।
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घटना के दिन गैंग के सदस्यों ने राजेश मिश्रा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया था। जबकि उनके भाई अमितेश गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा ने इसकी जानकारी दी। एसपी ने टीम के सदस्यों को 15 हजार रुपये इनाम देने की भी घोषणा की है। एसपी ने बताया कि बीते 21 अक्तूबर को करंडा थाना क्षेत्र के ब्राह्मणपुरा गांव निवासी आरएसएस कार्यकर्ता राजेश मिश्रा की हत्या की साजिश राजू गैंग ने रची थी।
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राजू गैंग के लोग करंडा में बालू खनन तथा शराब की तस्करी करते थे। इसमें पत्रकार राजेश मिश्रा रोड़ा बन रहे थे, यही हत्या की मुख्य वजह बनी। पुलिस पिछले डेढ़ माह से निरंतर गैंग के पीछे लगी हुई थी।
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रविवार को मुखबिर के जरिए सूचना मिली की राजू गैंग के सदस्य करंडा क्षेत्र में मौजूद हैं। करंडा, नंदगंज और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने राजू गैंग के सदस्यों को पकड़ने के लिए नाकेबंदी कर वाहन चेकिंग शुरू कर दी।
भाई अमितेश मिश्रा गंभीर रूप से हुए थे घायल
राजेश मिश्रा
- फोटो : file photo
इस बीच बिहार प्रांत के भभुआ जिला अंतर्गत चैनपुर थाने के रामगढ़ निवासी अजीत यादव तथा हाटा गांव निवासी झनकू यादव के साथ ही चंदौली जिला के धीना थाने के महुआ प्रकाशपुर निवासी सुनील यादव को करंडा थाने के चकेरी चौराहे से हल्की मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
इस दौरान करंडा के मटखन्ना निवासी राजू यादव तथा गोवर्धन उर्फ मंटू यादव के साथ ही पवन यादव निवासी खुटहां थाना शादियाबाद दूसरी बाइक से पुलिस पर फायरिंग करते हुए भाग निकले।
गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे राजू यादव गैंग के सदस्य हैं और उनके कहने पर ही राजेश मिश्रा और उसके भाई अमितेश मिश्रा की हत्या की योजना बनाई गई थी। पुलिस टीम का दावा है कि राजेश मिश्रा की हत्या की सुपारी राजू गैंग ने ही लिया था।
घटना के दिन गैंग के सदस्यों ने राजेश मिश्रा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया था। जबकि उनके भाई अमितेश गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना को अंजाम देने के बाद शूटर अलग-अलग रास्तों से भाग निकले थे। इसके बाद से ही सभी बिहार में रह रहे थे।
इस दौरान करंडा के मटखन्ना निवासी राजू यादव तथा गोवर्धन उर्फ मंटू यादव के साथ ही पवन यादव निवासी खुटहां थाना शादियाबाद दूसरी बाइक से पुलिस पर फायरिंग करते हुए भाग निकले।
गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे राजू यादव गैंग के सदस्य हैं और उनके कहने पर ही राजेश मिश्रा और उसके भाई अमितेश मिश्रा की हत्या की योजना बनाई गई थी। पुलिस टीम का दावा है कि राजेश मिश्रा की हत्या की सुपारी राजू गैंग ने ही लिया था।
घटना के दिन गैंग के सदस्यों ने राजेश मिश्रा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया था। जबकि उनके भाई अमितेश गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना को अंजाम देने के बाद शूटर अलग-अलग रास्तों से भाग निकले थे। इसके बाद से ही सभी बिहार में रह रहे थे।