Varanasi News: घर में घुसे चोरों ने लाखों का माल उड़ाया, आय बढ़ाएगा एचडीएफसी बैंक; पढ़ें अन्य खबरें
Varanasi News: वाराणसी में शिवपुर थाना क्षेत्र में चोरों ने लाखों का सामान गायब कर दिया। वहीं, एचडीएफसी 2025 तक पांच लाख किसानों की आए बढ़ाएगा। आइए जानते हैं अन्य खबरें..
विस्तार
शिवपुर थाना क्षेत्र के भवानीपुर में इंडियन ऑयल से रिटायर्ड कर्मचारी के घर से बीतीरात चोरों ने दीवार फांद पुत्र द्वारा गिफ्ट में दिए गए कीमती घड़ी, नकदी समेत लाखों रुपये का सामान पार कर दिया।
पीड़ित रविशंकर यादव के पुत्र अजय ने बताया कि उनके पिताजी आगे वाले कमरे में रात लगभग 1:30 बजे सोए थे, लेकिन गर्मी लगने के कारण दरवाजे को खुला छोड़ दिए थे।
रात में दीवार फांद में घुसे चोरों ने कवर्ड में रखे 35 हजार रुपये नकद, जन्मदिन पर बड़े पुत्र संजय द्वारा अपने पिता रविशंकर को दी गई 65 हजार रुपये की कीमती घड़ी, व छोटे बेटे अजय यादव की तरफ से मोबाईल दिए थे चोरी हो गई। वहीं बाइक की चाभी भी लेकर फरार हो गए।
सुबह लगभग 5 बजे रविशंकर की बड़ी पुत्री सोकर उठी तो देखी की घर का सारा सामान बिखरा था, उन्होंने सबको जगाया तब ज्ञात हुआ कि चोरी हो गई है। अजय ने तत्काल फोन कर 112 नंबर पर सूचना दिया।
दो लाख से अधिक बुजुर्गों को मिलेगा आयुष्मान का वरदान
आयुष्मान योजना के दायरे में अब 70 साल और उससे अधिक उम्र वाले सभी बुजुर्ग भी आएंगे। कैबिनेट के इस फैसले के बाद जिले में करीब दो लाख से अधिक बुजुर्गों को इसका लाभ मिलेगा। इसमें शहरी, ग्रामीण इलाकों में बुजुर्गों की सूची तैयार करने सहित अन्य प्रक्रिया को पूरा कराया जाएगा।
आयुष्मान भारत योजना के तहत पंजीकृत लोगों को पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज की सुविधा दी जाती हैं। अब बुधवार को कैबिनेट की बैठक में इसको मंजूरी मिल गई है। इसमें यह भी कहा गया है कि जो बुजुर्ग पहले से इस योजना में शामिल परिवार से जुड़े हैं, उनको भी हर साल पांच लाख रुपये तक का अतिरिक्त टॉपअप कवर मिलेगा। ऐसे लोगों को अलग से नया कार्ड जारी किया जाएगा।
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि आयुष्मान योजना का लाभ 70 साल और उससे अधिक आयु वालों को दिलाने की कैबिनेट की मंजूरी के बाद शासन की गाइडलाइन का इंतजार है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
तीन करोड़ लखपति दीदी बनेंगी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी
रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय समागम के पहले दिन ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थित बेहतर होगी।
दीनदयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से राष्ट्रीय आजीविका समागम कार्यक्रम हुआ। संयुक्त सचिव ने कहा कि 75 लाख महिलाओं को मूल्य वृद्धि शृंखलाओं में एकीकृत करना है। जो उत्पादकता और वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देती हों।
लखपति दीदी की आजीविका के वर्तमान स्तर तथा उसमें परिवर्तन को मोबाइल एप के माध्यम से एकत्रित किया गया। ग्रामीण विकास मंत्रालय की डायरेक्टर राजेश्वरी, डिप्टी डायरेक्टर रमन वाघवा ने स्वयं सहायता समूहों के व्यापार की चुनौतियों, आवश्यकताओं के बारे में बताया। इस मौके पर यूपी राज्य ग्रामीण आजीविका की मिशन निदेशक दीपा रंजन, गुजरात मिशन निदेशक मनीष बंसल ने अपने विचार रखे।
इस कार्यक्रम से देश प्रदेश के कई अधिकारी ऑनलाइन जुड़े। प्रदेश के विभिन्न जनपदों के स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को देखा। उनसे व्यापार को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा भी की गई। समागम का प्रमुख विषय कृषि आजीविका, गैर-कृषि आजीविका, उत्पादक संस्थानों का विस्तार, मूल्य शृंखला विकास, वित्तीय समावेशन और डिजिटल वित्त, सामाजिक समावेशन है।
नई शिक्षा नीति पर बने पाठ्यक्रम में राष्ट्र की आवश्यकता पर विशेष जोर
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (उच्च शिक्षा) के तहत आयोजित कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की गई। कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में राष्ट्र की आवश्यकता के हिसाब से पाठ्यक्रम तैयार करने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय, औद्योगिक प्रतिष्ठान और गैर सरकारी संस्थाओं में समन्वय स्थापित किया जाना चाहिए। शिक्षुता प्रशिक्षण बोर्ड उत्तरी क्षेत्र के सहायक निदेशक विवेक कुमार ने कहा कि स्नातक उपाधि प्राप्त छात्र पांच वर्ष के अंदर मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कर अप्रेंटिस कर सकते हैं। इसके लिए मासिक स्टाइपेंड 50 प्रतिशत संस्था और 50 प्रतिशत शिक्षुता प्रशिक्षण बोर्ड भुगतान करेगी।
नोडल अधिकारी प्रो. रमाकांत सिंह ने योजना के उद्देश्य और एनईपी के तहत यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों के लिए नए पाठ्यक्रम की संरचना की बात कही।
पांच लाख किसानों की आय बढ़ाएगा एचडीएफसी बैंक
एचडीएफसी बैंक 2025 तक 5 लाख सीमांत किसानों की आय बढ़ाएगा। इसके लिए पिंडरा तहसील क्षेत्र के जमापुर गांव में समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालय को भी गोद लिया है। यह जानकारी बैंक के उप प्रबंध निदेशक कैजाद एम भरुचा ने दी है।
उप प्रबंध निदेशक ने जमापुर विद्यालय का निरीक्षण भी किया। इस स्कूल में स्मार्ट क्लास रूम है। शुद्ध पेयजल, वॉशरूम बनवाया गया है। उन्होंने किसानों के लिए मंगवाए गए कृषि उपकरणों को देखा और कहा कि महिलाओं को भी खेती-किसानी के फायदे बताए जा रहे हैं। फूल और सब्जी की ऑर्गेनिक खेती की जानकारी दी जा रही है।
साथ ही बताया जा रहा कि खेती से आय बढ़ाई जा सकती है। बैंक की सीएसआर प्रमुख नुसरत पठान ने कहा कि बैंक ने 9,270 से ज्यादा गांवों और दस लाख से ज्यादा घरों तक अपनी पहुंच बना ली है। बैंक की सामाजिक पहुंच भारत के 112 आकांक्षी जिलों तक है।
सुधाकर महिला पीजी कॉलेज की छात्राओं ने किया रक्तदान
सुधाकर महिला शिक्षण संस्थान में बुद्धा चैरिटेबल ब्लड सेंटर की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर में सुधाकर महिला पीजी कॉलेज की 29 छात्राओं ने रक्तदान कर जरूरतमंदों की सेवा का संकल्प लिया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रभु नारायण दूबे ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई महादान नहीं है। इसके लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। समन्वयक डॉ. अशोक कुमार पांडेय ने छात्राओं के प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम में बुद्धा चैरिटेबल के मार्केटिंग हेड हर्षवर्धन सिंह के साथ ही कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी, छात्राएं मौजूद रहीं।
चुनौतियों से जीवन में मिलती है अच्छी सीख
स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज में आयोजित दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को पाठ्यक्रमों के साथ ही संस्थान की सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि आईआईटी बीएचयू के कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे चुनौतियों को स्वीकार कर आगे बढ़ते रहें। चुनौतियों से ही हमें अच्छी सीख मिलती है।
संस्थान के निदेशक प्रो. पीएन झा ने तकनीकी शिक्षा को समय की मांग बताया। नई दिल्ली से आशीष भारद्वाज ने व्यावहारिक अनुभवों को जरूरी बताया। कार्यक्रम में डॉ. भावना सिंह, कुलसचिव संजय गुप्ता, प्रिया राॅय आदि मौजूद रहीं।
पितृपक्ष में बाबा विश्वनाथ की मंगला आरती के टिकट की बुकिंग है फुल
श्री काशी विश्वनाथ की मंगला आरती के लिए महीने भर की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है। पितृपक्ष में हर दिन मंगला आरती की सीटें फुल हैं। हालांकि अक्तूबर और नवरात्र में अभी सीटें खाली हैं। 14 सितंबर से तीन अक्तूबर तक बुकिंग फुल हो चुकी है।
पितृपक्ष की शुरुआत 18 सितंबर से हो रही है। काशी में श्राद्ध और पिंडदान करने वालों की संख्या भी सबसे अधिक रहती है। पितरों का तर्पण करने वाले बाबा विश्वनाथ के दर्शन भी करते हैं। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की वेबसाइट के आंकड़ों के अनुसार पितृपक्ष के दौरान एक भी दिन मंगला आरती में की टिकट नहीं है।
चार से 12 अक्तूबर के बीच छह और सात अक्तूबर को छोड़कर टिकट उपलब्ध हैं। सबसे ज्यादा टिकट 10 अक्तूबर को 158, नौ को 109, 11 को 102, पांच को 92, 12 को 87, आठ को 33 और चार अक्तूबर को 12 टिकट खाली हैं। छह व सात अक्तूबर को मंगला आरती के टिकटों की बुकिंग फुल हो चुकी है। रोजाना 250 श्रद्धालु मंगलाआरती में शामिल होते हैं।
जांच टीम ने घटनास्थल पर टूटे पत्थर की खींची फोटो, लिया सैंपल, लोगों ने घटिया निर्माण की दी जानकारी
रामनगर के बलुआघाट पर हुई घटना की शुक्रवार को जांच शुरू हो गई। जिलाधिकारी द्वारा बनाई गई चार सदस्यीय जांच कमेटी मौके पर पहुंची। एडीएम के नेतृत्व में गठित जांच टीम में शामिल अधिकारी घटनास्थल की फोटोग्राफी करने के साथ ही टूटे पत्थर का सैंपल भी लिये।इस दौरान मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की गई।
लोगों ने निर्माण में मानक की अनदेखी कर घटिया निर्माण की शिकायत की गई। अधिकारियों के निर्देश पर ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा गिरे आयाताकार स्टोन छतरी (पालकी) के अलावा दो अन्य बने गुंबद को लाल रस्सी से चारों तरफ से बांधा गया। मौके पर उपस्थित लोगों को हिदायत दी गई कि कोई भी व्यक्ति इनके पास ना जायं।जांच के दौरान ठेकेदार के परिचित भी मौके पर पहुंचे थे।
नागरिकों के पूछताछ के दौरान ठेकेदार के परिचित ने अधिकारियों को बताया कि गुरुवार को आकाशिय बिजली गिरने से यह घटना हुई जबकि जिस समय घटना हुई उस वक्त ना तो बरसात हो रही थी और ना ही बिजली चमक रही थी। जांच टीम द्वारा यह बयान भी लिखे जाने को लेकर चर्चाओं का माहौल गर्म रहा। जांच टीम में अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, अधिशासी अभियंता सिंचाई बंधी प्रखंड, सहायक अभियंता, जिला ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अलावा यूपीपीसीएल के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।