पूर्वांचल में मौसम: गिरते पारे के बीच कोहरे की घनी चादर में लिपटी काशी, जानें- अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम
वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में सर्द हवाओं की वजह से दिन के तापमान में भी गिरावट का सिलसिला जारी है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बूंदाबांदी की भी संभावना बन रही है।
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नए साल के पहले दिन से ही मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। शीतलहर के प्रकोप के साथ ही ठंड बढ़ती जा रही है। रविवार रात से बनारस समेत पूर्वांचल के जिलों में घना कोहरा छाया है। सोमवार सुबह से धूप नहीं निकली है। इससे पहले रविवार को भी सुबह शहरी और ग्रामीण इलाकों में जहां कोहरा छाया रहा, वहीं दिन में धूप के बाद भी गलन अधिक रही।
रविवार को न्यूनतम तापमान भी कम होकर आठ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार पांच जनवरी तक ऐसे ही मौसम बने रहने की संभावना है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बूंदाबांदी की भी संभावना बन रही है।शनिवार आधी रात के बाद से ही कोहरा छाने लगा।
उसका असर रविवार सुबह तक दिखा। फिर रविवार देर रात से कोहरे ने दस्तक दी। जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि वायुमंडल में नमी अधिक होने की वजह से ही कोहरा छा रहा है। दिन में गलन अधिक होने की वजह जनवरी महीने में औसत तापमान का कम होना है।
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बूंदाबांदी होने के आसार, बढ़ेगी कनकनी
इस महीने में अधिकतम 20 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 9 से 10 डिग्री सेल्सियस होनी चाहिए। इसकी वजह रविवार को अधिकतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जबकि न्यूनतम तापमान भी 8.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बताया कि जम्मू कश्मीर में चार जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता की वजह से एक बार फिर यहां मौसम बदलेगा और पांच जनवरी के बाद यहां बूंदाबांदी होने के आसार हैं।
चौराहों पर अलाव की व्यवस्था नाकाफी
शीतलहर के प्रकोप से बचाव को लेकर नगर निगम की ओर से भले ही चौराहों पर अलाव जलवाए जाने का दावा किया जा रहा हो, लेकिन व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। रविवार को दिन ही नहीं रात में भी शहर में अधिकांश चौराहों पर नगर निगम की ओर से अलाव जलाने की कोई व्यवस्था नहीं दिखी। मैदागिन चौराहा, कैंट स्टेशन के सामने कमलापति प्रतिमा के सामने, लहरतारा बौलिया चौराहे पर कुछ लोग खुद ही आग जलाकर बैठे दिखे।
घने कोहरे में राह चलना मुश्किल