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लोकार्पण तो हो गया, गुलजार कैसे हो
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 28 Dec 2016 02:29 AM IST
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वरुणा काॅरिडोर पर पसरा सन्नाटा।
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आधी-अधूरी तैयारियों के बीच भागमभाग में ‘वरुणा कॉरिडोर’ के मॉडल कार्य का लोकार्पण तो कर दिया गया पर ये जगह गुलजार नहीं हुई। यहां लोगों की आमद नहीं हो रही है। वजह, जहां हरियाली होनी चाहिए थी, वहां अतिक्रमण करके भवन खड़े कर दिए गए। वरुणा में नालों का गिरना भी नहीं रोका गया। नदी के किनारे दूर तक कूड़े के ढेर से पटे हैं। दुर्गंध के चलते लोगों का यहां खड़े होना तक मुश्किल है। ऐसे में कॉरिडोर को गुलजार करने के लिए अवैध कब्जे हटाकर यहां हरियाली विकसित करना जरूरी है। लोकार्पण के बाद यहां मॉडल वर्क देखने के लिए जो इक्का-दुक्का लोग पहुंच रहे हैं, उनका यही कहना है।
जानकारों का कहना है कि जितनी तेजी मॉडल कार्य के लोकार्पण के लिए दिखाई गई, उसकी आधी तेजी भी काम में नहीं दिख रही है। कॉरिडोर के मॉडल के तौर पर एक ढांचा खड़ा कर दिया गया लेकिन मूलभूत जरूरतें जस की तस रह गईं। वरुणा में न तो नालों का गिरना बंद हुआ न ही अवैध निर्माणों को ढहाकर ग्रीन बेल्ट विकसित किया गया। जिस 50 मीटर मॉडल कार्य का लोकार्पण हुआ है, वहां आसपास गंदगी और दुर्गंध से सांस लेना मुश्किल है। मंगलवार को यहां आए प्रमोद कुमार का कहना था कि पानी से बदबू उठ रही है। जबकि गंगा घाटों पर जाइए तो नदी का भव्य स्वरूप नजर आता है।
वहीं रितेश चौरसिया ने कहा कि जिस उद्देश्य के साथ कॉरिडोर की योजना बनाई गई है, वह साकार तभी होगी जब अवैध निर्माणों से नदी क्षेत्र को मुक्त किया जाएगा और नालों का गिरना रोका जाएगा। उधर, कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वरुणा में गिरने वाले नालों को डायवर्ट करने के लिए नदी के दोनों तरफ पाइप लाइन बिछाई जा रही है। यह पाइप लाइन चौकाघाट पर बन रहे पंपिंग स्टेशन तक जाएगी। वहां से दीनापुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक ले जाकर शोधन किया जाएगा।
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पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल ने मंगलवार को सर्किट हाउस में बैठक कर डीएम से कहा कि वरुणा कॉरिडोर का काम तेजी से पूरा कराएं। लोकार्पण के बाद अब इसे जल्द से जल्द मूर्तरूप देने की कोशिश की जाए। कॉरिडोर के मॉडल कार्य के आसपास रंगीन लाइट और दोनों पुलों के बीच फव्वारा लगाए जाएं। बताया कि 29 दिसंबर को वह खुद निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे। सिंचाई विभाग को ज्ञानपुर पंप कैनाल से रामेश्वर में चेकडैम बनाकर वरुणा में पानी छोड़ने को कहा। मंत्री ने चौकाघाट फ्लाईओवर, मंडुवाडीह आरओबी और सामनेघाट गंगा पुल के निर्माण कार्य की धीमी गति पर भी नाराजगी जताई। रामेश्वर और कंदवा पंचक्रोशी पड़ाव के सुंदरीकरण के लिए पर्यटन विभाग को प्रस्ताव बनाने को कहा।
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जानकारों का कहना है कि जितनी तेजी मॉडल कार्य के लोकार्पण के लिए दिखाई गई, उसकी आधी तेजी भी काम में नहीं दिख रही है। कॉरिडोर के मॉडल के तौर पर एक ढांचा खड़ा कर दिया गया लेकिन मूलभूत जरूरतें जस की तस रह गईं। वरुणा में न तो नालों का गिरना बंद हुआ न ही अवैध निर्माणों को ढहाकर ग्रीन बेल्ट विकसित किया गया। जिस 50 मीटर मॉडल कार्य का लोकार्पण हुआ है, वहां आसपास गंदगी और दुर्गंध से सांस लेना मुश्किल है। मंगलवार को यहां आए प्रमोद कुमार का कहना था कि पानी से बदबू उठ रही है। जबकि गंगा घाटों पर जाइए तो नदी का भव्य स्वरूप नजर आता है।
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वहीं रितेश चौरसिया ने कहा कि जिस उद्देश्य के साथ कॉरिडोर की योजना बनाई गई है, वह साकार तभी होगी जब अवैध निर्माणों से नदी क्षेत्र को मुक्त किया जाएगा और नालों का गिरना रोका जाएगा। उधर, कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वरुणा में गिरने वाले नालों को डायवर्ट करने के लिए नदी के दोनों तरफ पाइप लाइन बिछाई जा रही है। यह पाइप लाइन चौकाघाट पर बन रहे पंपिंग स्टेशन तक जाएगी। वहां से दीनापुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक ले जाकर शोधन किया जाएगा।
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पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल ने मंगलवार को सर्किट हाउस में बैठक कर डीएम से कहा कि वरुणा कॉरिडोर का काम तेजी से पूरा कराएं। लोकार्पण के बाद अब इसे जल्द से जल्द मूर्तरूप देने की कोशिश की जाए। कॉरिडोर के मॉडल कार्य के आसपास रंगीन लाइट और दोनों पुलों के बीच फव्वारा लगाए जाएं। बताया कि 29 दिसंबर को वह खुद निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे। सिंचाई विभाग को ज्ञानपुर पंप कैनाल से रामेश्वर में चेकडैम बनाकर वरुणा में पानी छोड़ने को कहा। मंत्री ने चौकाघाट फ्लाईओवर, मंडुवाडीह आरओबी और सामनेघाट गंगा पुल के निर्माण कार्य की धीमी गति पर भी नाराजगी जताई। रामेश्वर और कंदवा पंचक्रोशी पड़ाव के सुंदरीकरण के लिए पर्यटन विभाग को प्रस्ताव बनाने को कहा।