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Varanasi News: आठ माह में ही भरभरा कर गिर गई रामकुंड पोखरे की दीवार
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वाराणसी। रामकुंड पोखरे के निर्माण के महज आठ माह बाद उसकी एक पूरी दीवार रविवार को भरभरा कर गिर गई। दीवार गिरने पर स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी पर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों ने निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता और लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
मामले की जानकारी मिलने पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल रविवार को नगर निगम की टीम के साथ रामकुंड पोखरे पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने भी निर्माण कार्य में लापरवाही होने की बात स्वीकार की और मामले को गंभीरता से लिया। क्षेत्रीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान नगर निगम के क्षेत्रीय जेई की ओर से गुणवत्ता की समुचित निगरानी नहीं की गई। लोगों का कहना था कि जेई मौके पर नियमित रूप से नहीं आते थे और निर्माण सामग्री तथा कार्य की गुणवत्ता की जांच नहीं की गई।
क्षेत्रीय पार्षद सिंधु सोनकर ने भी नगर आयुक्त से पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नगर निगम के पूर्व उपसभापति एवं पूर्व पार्षद ओमप्रकाश चौरसिया ने भी मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महापौर अशोक तिवारी से नगर निगम के विकास कार्यों पर कड़ी नजर रखने की मांग की।
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मामले की जानकारी मिलने पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल रविवार को नगर निगम की टीम के साथ रामकुंड पोखरे पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने भी निर्माण कार्य में लापरवाही होने की बात स्वीकार की और मामले को गंभीरता से लिया। क्षेत्रीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान नगर निगम के क्षेत्रीय जेई की ओर से गुणवत्ता की समुचित निगरानी नहीं की गई। लोगों का कहना था कि जेई मौके पर नियमित रूप से नहीं आते थे और निर्माण सामग्री तथा कार्य की गुणवत्ता की जांच नहीं की गई।
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क्षेत्रीय पार्षद सिंधु सोनकर ने भी नगर आयुक्त से पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नगर निगम के पूर्व उपसभापति एवं पूर्व पार्षद ओमप्रकाश चौरसिया ने भी मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महापौर अशोक तिवारी से नगर निगम के विकास कार्यों पर कड़ी नजर रखने की मांग की।
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