फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   The streets are flying five million 'parrot'

सड़कों पर उड़ रहे पांच करोड़ के ‘तोते’

Sun, 11 Oct 2015 01:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 11 Oct 2015 01:53 AM IST
विज्ञापन
 The streets are flying five million 'parrot'
‘तोता, मैना, शेर, केला, आम, पपीता और अमरूद...’ ये तथाकथित टोकन कोड हैं, जो ट्रकों के लिए बाकायदा उनकी तस्वीर के साथ जारी किए गए हैं। इन फोटोयुक्त टोकन के अलग-अलग दाम हैं और उस आधार पर सहूलियतें भी अलग-अलग। ये टोकन दिखाकर सैकड़ों ट्रक आसानी से रोजाना बनारस की सीमा पार करते हैं। कभी उनके रजिस्ट्रेशन या परमिट के कागजात की चेकिंग नहीं होती। टोकन के इस खेल में हर महीने पांच करोड़ रुपये के राजस्व की चपत लग रही है। शनिवार को एसपी ट्रैफिक डॉ. बीएन तिवारी ने यह मामला उजागर किया। बताया कि ट्रैफिक विभाग और आरटीओ की मिलीभगत से प्रतिमाह पांच करोड़ रुपये की हानि सरकारी राजस्व को पहुंचाई जा रही है। जल्द ही समूचे मामले का बड़े पैमाने पर खुलासा करेंगे, उससे पहले मंडलायुक्त को पूरे मामले की रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
विज्ञापन


अपने कार्यालय में पत्रकारों के सामने एसपी ट्रैफिक ने ट्रकों की जांच के दौरान पकड़ा गया तथाकथित मैना टोकन भी दिखाया। ‘मैना’ की तस्वीर वाले इस कार्ड के बारे में उन्होंने बताया कि यह सितंबर महीने का आरटीओ की ओर से जारी तथाकथित टोकन है, जिसे मात्र 1500 रुपये में खरीदकर कोई भी ट्रक महीने भर बनारस से आ-जा सकता है। उसके कागजात और परमिट की कहीं भी जांच नहीं होगी। इसी तरह कई और कोड वाले टोकन जारी किए गए हैं। एसपी ट्रैफिक ने कहा कि इस गोरखधंधे में यातायात विभाग के कर्मी भी संलिप्त हैं। जिन्हें चिह्नित करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि बनारस में अपने तैनात रहते वह इस खेल में शामिल हर एक शख्स बेनकाब करेंगे। इसके लिए जल्द ही अभियान शुरू करने की तैयारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed