वाराणसी के प्रमुख सोना कारोबारी का बेटा कैसे बना मुंबई का ज्वेलरी किंग, सफलता का कारवां है किसी फिल्म की तरह
हीरा और सोने के प्रमुख कारोबारी वाराणसी के सिगरा के गांधीनगर निवासी दीपक कंबोज के बेटे मोहित कंबोज की कहानी फिल्मी रही है। वर्ष 2004 में वाराणसी से मुंबई गए मोहित ने गोल्ड और डायमंड के कारोबार में इस तरह बढ़त बनाई कि आज उन्हें ज्वेलरी और डायमंड किंग के नाम से जाना जाता है। शुरुआती दौर में लग्जरी गाडि़यों की खरीद बिक्री में मोहित ने पैसा लगाया लेकिन यह काम अधिक दिन तक सफल नहीं हो सका। फिर पुश्तैनी व्यापार गोल्ड और डायमंड में में हाथ लगाया, तो सफलता कदम चूमने लगी और इसी में मन रमता गया।
वाराणसी के महमूरगंज इलाके में पहले डायमंड व गोल्ड का शोरूम था, लेकिन पिछले कुछ माह से बंद हो गया है। यहां मोहित के पिता दीपक कंबोज ही बैठते थे। इसके अलावा रथयात्रा स्थित एक अपार्टमेंट में एक रेस्टोरेंट का संचालन किया जा रहा है।
बताया जाता है कि बेटे मोहित से पिता की बनती नहीं है। इसलिए पिता कभी बेटे के साथ मुंबई में शिफ्ट नहीं हुए। मोहित का बनारस आना जाना भी बहुत कम ही रहा है। मुंबई भाजपा युवा मोर्चा के प्रमुख पदों पर रहने वाले मोहित कंबोज पिछले लोकसभा चुनावों में वाराणसी में प्रचार-प्रसार को आए थे।
पहले कांग्रेस से थी नजदीकियां
मोहित की नजदीकियां पहले कांग्रेस नेताओं से भी रही है। संजय दत्त के संग भी कई बार उनको देखा गया था। फिल्मी जगत के कई चर्चित लोगों से भी मोहित के अच्छे रिश्ते हैं। वहीं करीबी बताते हैं कि पिता दीपक की नजदीकियां समाजवादी पार्टी से पहले हुआ करती थीं। वे पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के काफी करीबी बताए जाते हैं।