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पांच सौ से ज्यादा गुलाब की प्रजातियों की खुशबू यहां
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 29 Apr 2016 02:03 AM IST
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इसी फव्वारे के कायाकल्प की चल रही तैयारी।
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क्या आप जानते हैं, जिस उद्यान को उजाड़कर मल्टीस्टोरी पार्किंग बनाने की तैयारी की जा रही है वहां गुलाब की 500 से अधिक प्रजातियों की खुशबू फिजा में तैर रही है। एक तरफ इसको समाप्त करने की बात की जा रही है तो दूसरी तरफ उद्यान में एक आकर्षक फौवारा बनाया जा रहा है। आखिरकार जनता के पैसे की बर्बादी क्यों? समय रहते बचाया नहीं गया तो आजादी के पहले से आबाद कचहरी स्थित कंपनी बाग उद्यान खत्म हो जाएगा। वरुणापार इलाके में यह लोगों के घूमने-टहलने के लिए इकलौता उद्यान है, जिसे बचाने की उद्यान विभाग की मशक्कत भी परवान नहीं चढ़ पा रही है।
उद्यान विभाग के इंस्पेक्टर अनिल सिंह के अनुसार 1848 में स्थापित बनारस क्लब के साथ ही कंपनीबाग के नाम से गार्डेन भी आबाद है। ईस्ट इंडिया कंपनी के समय से कंपनीबाग स्थापित है। कृषि विभाग के अधीन उद्यान को 1974 में अलग कर उद्यान विभाग कर दिया गया। तकरीबन आठ एकड़ में कंपनीबाग में उद्यान, पौधशाला, पार्क, गार्डेन को आकर्षक ढंग से तैयार किया गया है। फिलहाल इसमें पांच सौ से अधिक गुलाब के फूलों की विभिन्न प्रकार की प्रजातियां मौजूद हैं। इसे और आकर्षक बनाने के लिए बेहतरीन फौवारा का निर्माण कराया जा रहा है। जल्द ही इसे तैयार कर चालू कर दिया जाएगा। गार्डेन के रूप में विकसित वरुणापार का यह इकलौता उद्यान लोगों को घूमने-टहलने का एकमात्र केंद्र है।
सुबह लोग इसमेेें टहलने आते हैं। उद्यान विभाग का कहना है कि यदि इसमें मल्टीस्टोरी पार्किंग बन गई तो बनारस की एक और पहचान मिट जाएगी। जिला उद्यान अधिकारी ममता सिंह यादव का कहना है कि लगभग तीन साल पहले उद्यान के अंदर से सीवेज पाइप लाइन डाल दी गई जिसके चलते पूरा पार्क खराब हो गया था। उसे पुराने स्वरूप में लौटाने के लिए दो साल का वक्त लग गया और लाखों रुपये खर्च हुए। अब फिर पार्किंग बनाने का प्रस्ताव तैयार कर दिया गया। ऐसा न हो इसके लिए उच्चाधिकारियों से अनुरोध किया है।
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उद्यान विभाग के इंस्पेक्टर अनिल सिंह के अनुसार 1848 में स्थापित बनारस क्लब के साथ ही कंपनीबाग के नाम से गार्डेन भी आबाद है। ईस्ट इंडिया कंपनी के समय से कंपनीबाग स्थापित है। कृषि विभाग के अधीन उद्यान को 1974 में अलग कर उद्यान विभाग कर दिया गया। तकरीबन आठ एकड़ में कंपनीबाग में उद्यान, पौधशाला, पार्क, गार्डेन को आकर्षक ढंग से तैयार किया गया है। फिलहाल इसमें पांच सौ से अधिक गुलाब के फूलों की विभिन्न प्रकार की प्रजातियां मौजूद हैं। इसे और आकर्षक बनाने के लिए बेहतरीन फौवारा का निर्माण कराया जा रहा है। जल्द ही इसे तैयार कर चालू कर दिया जाएगा। गार्डेन के रूप में विकसित वरुणापार का यह इकलौता उद्यान लोगों को घूमने-टहलने का एकमात्र केंद्र है।
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सुबह लोग इसमेेें टहलने आते हैं। उद्यान विभाग का कहना है कि यदि इसमें मल्टीस्टोरी पार्किंग बन गई तो बनारस की एक और पहचान मिट जाएगी। जिला उद्यान अधिकारी ममता सिंह यादव का कहना है कि लगभग तीन साल पहले उद्यान के अंदर से सीवेज पाइप लाइन डाल दी गई जिसके चलते पूरा पार्क खराब हो गया था। उसे पुराने स्वरूप में लौटाने के लिए दो साल का वक्त लग गया और लाखों रुपये खर्च हुए। अब फिर पार्किंग बनाने का प्रस्ताव तैयार कर दिया गया। ऐसा न हो इसके लिए उच्चाधिकारियों से अनुरोध किया है।
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