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नियम ताक पर रख कराया अनुष्ठान
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 17 Jun 2016 01:54 AM IST
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काशी विश्वनाथ मंदिर
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विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह के दो दरवाजों से भक्तों का प्रवेश रोकवाकर चार घंटे तक एक न्यासी द्वारा रुद्राभिषेक कराए जाने का मामला गुरुवार को सुर्खियों में रहा। श्रीकाशी विश्वनाथ गली व्यवसायी समिति के उपाध्यक्ष नवीन गिरि ने इस पर आपत्ति जताई और न्यास परिषद अध्यक्ष पं. अशोक द्विवेदी व मंडलायुक्त से शिकायत की है।
उनका कहना है कि चार घंटे तक गर्भगृह के दो दरवाजों से भक्तों का प्रवेश रोके जाने की वजह से आम श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ी। इस तरह की मनमानी पर रोक लगनी चाहिए। न्यास परिषद के सदस्य आचार्य पं. देवी प्रसाद द्विवेदी ने दोपहर दो से शाम छह बजे तक गर्भगृह में रुद्राभिषेक 11 आचार्यों की मदद से कराया। गौरतलब है कि हाल ही में मंदिर में बाहरी पुजारियों और पंडों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। सूत्रों के मुताबिक अनुष्ठान नियमों को ताक पर रख बाहरी पुजारियों द्वारा कराया गया। नवीन गिरि ने मंडलायुक्त से इसकी जांच कराने की मांग की है।
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीएन द्विवेदी ने बताया कि आचार्य देवी प्रसाद ने परंपरागत पूजा का हवाला देते हुए रुद्राभिषेक की अनुमति के लिए मंडलायुक्त को पत्र भेजा था। इस पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने ज्ञानवापी पुलिस को स्वीकृति देने के लिए कहा था।
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उनका कहना है कि चार घंटे तक गर्भगृह के दो दरवाजों से भक्तों का प्रवेश रोके जाने की वजह से आम श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ी। इस तरह की मनमानी पर रोक लगनी चाहिए। न्यास परिषद के सदस्य आचार्य पं. देवी प्रसाद द्विवेदी ने दोपहर दो से शाम छह बजे तक गर्भगृह में रुद्राभिषेक 11 आचार्यों की मदद से कराया। गौरतलब है कि हाल ही में मंदिर में बाहरी पुजारियों और पंडों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। सूत्रों के मुताबिक अनुष्ठान नियमों को ताक पर रख बाहरी पुजारियों द्वारा कराया गया। नवीन गिरि ने मंडलायुक्त से इसकी जांच कराने की मांग की है।
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अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीएन द्विवेदी ने बताया कि आचार्य देवी प्रसाद ने परंपरागत पूजा का हवाला देते हुए रुद्राभिषेक की अनुमति के लिए मंडलायुक्त को पत्र भेजा था। इस पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने ज्ञानवापी पुलिस को स्वीकृति देने के लिए कहा था।
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