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शाही अंदाज में निकली संतों की शोभायात्रा
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 08 Oct 2016 02:11 AM IST
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शाही अंदाज में निकली संतों की शोभायात्रा
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भारत सेवाश्रम संघ के संतों ने शुक्रवार को हाथी, घोड़े, ऊंटों के साथ शाही अंदाज में आदि शक्ति स्वरूपा के आगमन की शोभायात्रा निकाली। ढाल-तलवार के साथ लकड़ी भांजते हुए युवाओं की टोलियां निकलीं तो दुर्गा, काली और गंधर्व के वेश में ट्रालियों पर सवार बच्चे आकर्षण का केंद्र बन गए। शोभायात्रा के दौरान कई प्रमुख मार्गों पर भीषण जाम लगा रहा। देर रात सविधि मंत्रोच्चार के साथ जगत जननी की प्रतिमा की प्रतिष्ठापना की गई। यहां अब चार दिन तक विभिन्न प्रतियोगिताओं के साथ ही रवींद्र संगीत की प्रस्तुतियां होंगी।
दोपहर करीब दो बजे सिगरा स्थित सेवाश्रम से शोभायात्रा निकाली। रथ पर संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद महाराज का चित्र रखा गया गया था। इसके बाद बग्घियों पर संत सवार हुए। हाथी, घोड़े के अलावा ऊंटों की सवारियां निकलीं। संन्यासी तलवार लिए घोड़ों और ऊंटों पर सवार थे। बैंडबाजा के साथ करतब करते युवा आकर्षण का केंद्र बने हुए थे। सैकड़ों कतारबद्ध छात्राएं चल रही थीं। सिगरा से रथयात्रा, बैजनत्था, भेलूपुर, सोनारपुरा से प्रतिमा लेकर संतों का कारवां पांडेय हवेली, मदनपुरा, जंगमबाड़ी, गोदौलिया, लक्सा, गुरुबाग होते हुए देर शाम आश्रम पहुंचा। अलग-अलग इलाकों से दुर्गोत्सव में शामिल होने के लिए अनुयायी भी आश्रम पहुंच चुके हैं। आश्रम में उत्सव जैसा माहौल बन गया है।
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दोपहर करीब दो बजे सिगरा स्थित सेवाश्रम से शोभायात्रा निकाली। रथ पर संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद महाराज का चित्र रखा गया गया था। इसके बाद बग्घियों पर संत सवार हुए। हाथी, घोड़े के अलावा ऊंटों की सवारियां निकलीं। संन्यासी तलवार लिए घोड़ों और ऊंटों पर सवार थे। बैंडबाजा के साथ करतब करते युवा आकर्षण का केंद्र बने हुए थे। सैकड़ों कतारबद्ध छात्राएं चल रही थीं। सिगरा से रथयात्रा, बैजनत्था, भेलूपुर, सोनारपुरा से प्रतिमा लेकर संतों का कारवां पांडेय हवेली, मदनपुरा, जंगमबाड़ी, गोदौलिया, लक्सा, गुरुबाग होते हुए देर शाम आश्रम पहुंचा। अलग-अलग इलाकों से दुर्गोत्सव में शामिल होने के लिए अनुयायी भी आश्रम पहुंच चुके हैं। आश्रम में उत्सव जैसा माहौल बन गया है।
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