स्वच्छता रैंकिंग: बनारस को नंबर एक बनाने की जिम्मेदारी अब काशीवासियों पर, 30 अप्रैल तक चलेगा सर्वे
पूरे प्रदेश में चल रहे सर्वे में बनारस फीडबैक देने में अभी तक पहले नंबर पर बना हुआ है।
स्वच्छता सर्वे 30 अप्रैल तक चलेगा और उसके बाद रिजल्ट जारी किया जाएगा।
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स्वच्छता रैंकिंग में बनारस को पहले पायदान पर लाने की जिम्मेदारी अब काशीवासियों की है। आम जनता का फीडबैक जहां बनारस की रैंकिंग सुधारेगा, वहीं अच्छी रैंकिंग बनारस को पहले पायदान पर भी पहुंचा सकता हैै। केंद्रीय शहरी आवास मंत्रालय की ओर से ऑनलाइन स्वच्छ सर्वेक्षण चल रहा है।
पूरे प्रदेश में चल रहे सर्वे में बनारस फीडबैक देने में अभी तक पहले नंबर पर बना हुआ है। स्वच्छता सर्वे 30 अप्रैल तक चलेगा और उसके बाद रिजल्ट जारी किया जाएगा। सर्वेक्षण में फीडबैक देने के लिए केंद्रीय शहरी आवास मंत्रालय की ओर से जनता के सामने गूगल वेब लिंक के माध्यम से कई ऑप्शन दिए गए हैं।
2021 में 5.50 लाख लोगों ने दिया था फीडबैक
अभी तक लगभग 17 हजार लोगों ने अपना फीडबैक दिया है। टोल फ्री, माईजीओवी और स्वच्छता ऐप के जरिये जनता का फीडबैक नहीं आया है, जबकि फेस टू फेस-1238, वीफारयू सिटी ऐप के जरिए 3384 और गूगल वेब लिंक से 11,615 लोगों ने फीडबैक दिया है
शुरुआती दौर में सर्वर स्लो होने और ओटीपी न मिलने से फीडबैक की रफ्तार कम थी। 2021 में हुए सर्वेक्षण में नगर निगम क्षेत्र से लगभग 5.50 लाख लोगों ने फीडबैक दिया था। वहीं स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में 7500 अंकों के सर्वेक्षण में अकेले सिटीजन फीडबैक के 2250 अंक निर्धारित किए गए हैं। यह अंक सीधे तौर पर जनता के फीडबैक से प्राप्त होंगे।
इसमें जनता को कचरा निस्तारण, कूड़ा कलेक्शन, सफाई से संबंधित सवालों पर अपना फीडबैक देना है। अभी तक स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 के लिए पोर्टल पर लगभग 17 हजार लोगों ने अपना फीडबैक दिया है। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव का कहना है कि जनता को स्वच्छ सर्वेक्षण में भाग लेने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।