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नीलामी के जरिये तय होंगे दाम
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 22 May 2016 02:08 AM IST
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विजय किरन आनंद, जिलाधिकारी
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पहड़िया मंडी में अब फल और सब्जी के मूल्य का निर्धारण नीलामी प्रक्रिया से होगा। शनिवार को जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने यह निर्देश दिया। मंडी का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम को यह जानकारी मिली की मंडी में आवक वस्तुओं की नीलामी न होकर ठेकेदारों और आढ़तियों की ओर से मूल्य निर्धारण किया जाता है। इस पर उन्होंने मंडी सचिव श्याम लाल को फटकार लगाई।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने कहा कि बिचौलियों के हस्तक्षेप से किसानों और उपभोक्ताओं का शोषण हो, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंडी में किसी भी किसान को अपना उत्पाद बेचने से नहीं रोका जाएगा और न ही कोई कटौती की जाएगी। किसानों और ग्राहकों से बातचीत करने के बाद डीएम ने मंडी सचिव को फल-सब्जी आदि सामग्री का बाजार मूल्य एक हफ्ते में उपलब्ध कराने को कहा। मंडी में 950 दूकानें हैं, जिनमें से कुछ का किराया नहीं मिल रहा। इसकी जानकारी होने पर डीएम ने दूकानदारों के खिलाफ आरसी जारी करने को कहा। इस दौरान एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
मंडी से प्रतिदिन निकलने वाले 50 टन कचरे से हरित खाद बनाई जाएगी। इसके लिए डीएम ने कंपोस्ट यूनिट लगाने का निर्देश दिया। साथ ही परिसर के हैंडपंप का दो दिन में रीबोर करने का निर्देश जल निगम के अधिकारियों को दिया। वहीं, मंडी के 25 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व को कम बताया और वहां तैनात 12 निरीक्षकों को क्रियाशील रहने की हिदायत दी।
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जर्जर सड़क, जाम सीवर लाइन और गंदगी का अंबार देख डीएम ने मंडी सचिव से नाराजगी जताई। साथ ही सड़क मरम्मत और सीवेज के लिए 22 करोड़ रुपये मिलने के बाद भी काम शुरू नहीं कराने पर निर्माण इकाई के अभियंता की क्लास ली। उन्होंने बारिश से पहले सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दी। कहा कि बारिश के दौरान जलभराव हुआ तो अभियंता पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने मंडी के दोनों गेट सहित पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे का निर्देश दिया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पहड़िया चौकी इंचार्ज को तलब किया। परेशानी बताने पर डीएम ने एसएसपी को निर्देश दिया कि मंडी की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को कहीं और ड्यूटी पर न भेजा जाए। मंडी की व्यवस्था सुधारने के लिए एडीएम और एसडीएम निरीक्षण करने को कहा।
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निरीक्षण के दौरान डीएम ने कहा कि बिचौलियों के हस्तक्षेप से किसानों और उपभोक्ताओं का शोषण हो, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंडी में किसी भी किसान को अपना उत्पाद बेचने से नहीं रोका जाएगा और न ही कोई कटौती की जाएगी। किसानों और ग्राहकों से बातचीत करने के बाद डीएम ने मंडी सचिव को फल-सब्जी आदि सामग्री का बाजार मूल्य एक हफ्ते में उपलब्ध कराने को कहा। मंडी में 950 दूकानें हैं, जिनमें से कुछ का किराया नहीं मिल रहा। इसकी जानकारी होने पर डीएम ने दूकानदारों के खिलाफ आरसी जारी करने को कहा। इस दौरान एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
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मंडी से प्रतिदिन निकलने वाले 50 टन कचरे से हरित खाद बनाई जाएगी। इसके लिए डीएम ने कंपोस्ट यूनिट लगाने का निर्देश दिया। साथ ही परिसर के हैंडपंप का दो दिन में रीबोर करने का निर्देश जल निगम के अधिकारियों को दिया। वहीं, मंडी के 25 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व को कम बताया और वहां तैनात 12 निरीक्षकों को क्रियाशील रहने की हिदायत दी।
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जर्जर सड़क, जाम सीवर लाइन और गंदगी का अंबार देख डीएम ने मंडी सचिव से नाराजगी जताई। साथ ही सड़क मरम्मत और सीवेज के लिए 22 करोड़ रुपये मिलने के बाद भी काम शुरू नहीं कराने पर निर्माण इकाई के अभियंता की क्लास ली। उन्होंने बारिश से पहले सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दी। कहा कि बारिश के दौरान जलभराव हुआ तो अभियंता पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने मंडी के दोनों गेट सहित पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे का निर्देश दिया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पहड़िया चौकी इंचार्ज को तलब किया। परेशानी बताने पर डीएम ने एसएसपी को निर्देश दिया कि मंडी की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को कहीं और ड्यूटी पर न भेजा जाए। मंडी की व्यवस्था सुधारने के लिए एडीएम और एसडीएम निरीक्षण करने को कहा।