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कुंडों का पानी हुअा जहरीला, मछलियों की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 04 Jul 2016 02:03 AM IST
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काशी के पौराणिक कुंडों का पानी जहरीला हो गया है। बारिश होने के बाद कुंडों में मछलियों की मौत का सिलसिला शुरू हो गया है। लक्ष्मीकुंड के बाद दुर्गाकुंड में रविवार को सैकड़ों मछलियों की मौत हो गई। कुंडों में मछलियों के सड़ने की वजह से दुर्गंध फैल रही है। इससे सड़कों से गुजरना मुश्किल हो गया है।
लक्ष्मीकुंड में रविवार को एक बार फिर मछलियों की मौत शुरू हो गई। दोपहर 11 बजे के करीब सैकड़ों मछलियां छटपटाती नजर आईं। दम घुटने के बाद तमाम मछलियां उतरा गईं। पखवारे भर पहले भी इस कुंड में कई क्विंटल मछलियों की मौत हो गई थी। तब नगर निगम प्रशासन का कहना था कि कुंड का पानी बदलवाया जाएगा। कीटनाशक भी कुंड मे छोड़े गए थे लेकिन बाद में न तो कुंड की सफाई कराई गई न पानी बदला गया। नतीजतन महीने में तीसरी बार मछलियों की मौत होने लगी है।
पार्षद ओम प्रकाश चौरसिया ने इसे नगर निगम की लापरवाही बताया। कहा कि कुंड की सफाई करा दी गई होती तो ऐसा न होता। दूसरी ओर इस कुंड पर मछलियों को चारा खिलाने वाले दुखी नजर आए। लोगों की भीड़ लगी रही।
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उधर, दुर्गाकुंड में भी तीन क्विंटल से अधिक मछलियां मर गईं। पार्षद गोविंद शर्मा ने इसके लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी को महीने भर से सूचना दी जा रही थी कि कुंड की सफाई कराएं और कीटनाशक डलवाएं, वरना मछलियां किसी भी समय दम तोड़ सकती हैं लेकिन उन्होंने इस दिशा में ध्यान नहीं दिया।
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लक्ष्मीकुंड में रविवार को एक बार फिर मछलियों की मौत शुरू हो गई। दोपहर 11 बजे के करीब सैकड़ों मछलियां छटपटाती नजर आईं। दम घुटने के बाद तमाम मछलियां उतरा गईं। पखवारे भर पहले भी इस कुंड में कई क्विंटल मछलियों की मौत हो गई थी। तब नगर निगम प्रशासन का कहना था कि कुंड का पानी बदलवाया जाएगा। कीटनाशक भी कुंड मे छोड़े गए थे लेकिन बाद में न तो कुंड की सफाई कराई गई न पानी बदला गया। नतीजतन महीने में तीसरी बार मछलियों की मौत होने लगी है।
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पार्षद ओम प्रकाश चौरसिया ने इसे नगर निगम की लापरवाही बताया। कहा कि कुंड की सफाई करा दी गई होती तो ऐसा न होता। दूसरी ओर इस कुंड पर मछलियों को चारा खिलाने वाले दुखी नजर आए। लोगों की भीड़ लगी रही।
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उधर, दुर्गाकुंड में भी तीन क्विंटल से अधिक मछलियां मर गईं। पार्षद गोविंद शर्मा ने इसके लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी को महीने भर से सूचना दी जा रही थी कि कुंड की सफाई कराएं और कीटनाशक डलवाएं, वरना मछलियां किसी भी समय दम तोड़ सकती हैं लेकिन उन्होंने इस दिशा में ध्यान नहीं दिया।