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Varanasi News: बिनय न मानत जलधि जड़ गए तीन दिन बीत, बोले राम सकोप तब भय बिनु होइ न प्रीत ...

Thu, 15 Oct 2026 01:17 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 15 Oct 2026 01:17 AM IST
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The obstinate ocean heeded no entreaties, and three days passed then Rama spoke in anger, There is no love without fear
रामनगर की रामलीला में सुग्रीव की सेना सहित समुद्र तट प्रयाण प्रसंग का मंचन करते पात्र। संवाद
रामनगर रामलीला : प्रत्यंचा चढ़ते ही प्रकट हुए समुद्र, रामेश्वरम की स्थापना के साथ शुरू हुआ सेतु निर्माण
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संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी/रामनगर। बिनय न मानत जलधि जड़ गए तीन दिन बीत, बोले राम सकोप तब भय बिनु होइ न प्रीत... अर्थात् जब श्रीराम को समुद्र से रास्ता मांगने के लिए विनती करते हुए तीन दिन बीत गए और जड़ समुद्र ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, तब भगवान राम क्रोधित होकर बोले कि बिना भय के प्रेम या सम्मान नहीं होता।
रामलीला के 20वें दिन बुधवार को लंका कूच, विभीषण शरणागति, समुद्र का मान-मर्दन और रामेश्वरम स्थापना की लीला का मंचन हुआ। हनुमान जी से सीता का समाचार पाकर श्रीराम के आदेश पर वानरी सेना ने लंका के लिए प्रस्थान किया और समुद्र तट पर डेरा डाला। उधर, भाई रावण द्वारा अपमानित कर लंका से निकाले जाने के बाद विभीषण प्रभु राम की शरण में पहुंचे।
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विभीषण की सलाह पर श्रीराम ने समुद्र से रास्ता देने के लिए घंटों अनुनय-विनय की। प्रभु ने जैसे ही अग्निबाण निकालकर प्रत्यंचा चढ़ाई, समुद्र तुरंत क्षमा मांगते हुए प्रकट हो गया। समुद्र ने बताया कि वानर नल-नील के स्पर्श से शिलाएं जल पर तैरेंगी, जिससे सेतु निर्माण संभव होगा। जामवंत के निर्देश पर वानर-भालू पहाड़ और वृक्ष लाकर सेतु निर्माण में जुट गए। इस बीच श्रीराम ने वहां शिवलिंग स्थापित कर विधि-विधान से पूजन किया और घोषणा की कि उनके द्वारा स्थापित रामेश्वरम के दर्शन करने वाला वैकुंठ का भागी बनेगा। भव्य आरती के बाद लीला को विश्राम दिया गया।
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सेंट्रल जेल में राम वनगमन तो चौबेपुर में गूंजा धनुष भंग का जयघोष

शिवपुर। केंद्रीय कारागार में दस दिवसीय रामलीला के चौथे दिन राम वनगमन के मार्मिक प्रसंग का मंचन किया गया। मंथरा के बहकावे में कैकेयी के कोप भवन जाने, राजा दशरथ की विवशता और पिता के वचन के लिए श्रीराम, सीता व लक्ष्मण के वन प्रस्थान के दृश्यों ने जेल अधिकारियों, कर्मचारियों और बंदियों को भावविभोर कर दिया। इस दौरान वरिष्ठ जेल अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।
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