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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   The new pipeline has grown without the use shabby

मिट्टी में मिल गए 837 लाख

Fri, 12 Aug 2016 02:17 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 12 Aug 2016 02:17 AM IST
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प्रदेश के मुख्य सचिव दीपक सिंघल की नाराजगी यूं ही नहीं है। पेयजल आपूर्ति के लिए शहर में बिछाई गई पाइप लाइन का 10 साल तक जलकल विभाग ने उपयोग ही नहीं किया। नतीजा, पाइप लाइन प्रयोग में लाए बिना ही बेकार हो गई। इसे बिछाने में उस समय खर्च करीब 837 लाख रुपये व्यर्थ चले गए। हैरानी यह कि जलकल विभाग ने इस पूरे मामले को दबाए रखा। अब जब मामला शासन तक पहुंच गया तो जलकल और जल निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। मुख्य सचिव ने दोनों विभागों से योजना की पूरी रिपोर्ट तलब कर ली है। अगर सख्ती बरती गई तो कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
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 शहरे के लोगों को स्वच्छ जलापूर्ति के लिए भेलूपुर से चौकाघाट, मिंट हाउस तक सात किमी लंबी पाइप लाइन बिछाने के लिए विश्व बैंक से  836.77 लाख रुपये मिले थे। पाइप बिछाने का काम 11 अप्रैल, 1992 को सीएंडडीएस और जल निगम ने शुरू किया। जलकल भेलूपुर से मेन फीडर पाइप लाइन तक नई पाइप लाइन बिछाई गई। 15 जून, 1997 तक काम पूरा कर 22 जून को लोकार्पण के बाद इसे जलकल विभाग को हैंडओवर कर दिया गया।
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बावजूद इसके जलकल विभाग ने वर्ष 2007 तक इस पाइप लाइन का उपयोग ही नहीं किया। उसके बाद जब जेएनएनयूआरएम के तहत पेयजल के लिए धनराशि जारी हुई और शहर में 17 नई टंकियां बनाई गईं तब जलकल विभाग ने पाइप लाइन की टेस्टिंग शुरू की। तब तक पाइप लाइन के ज्वाइंट्स खराब हो गए। इस कारण कई जगह पाइप पानी के दबाव से टूट गए। अंधरापुल, नटराज सिनेमा के सामने तो पूरी पाइप लाइन ध्वस्त हो चुकी है। अब जल निगम ने इस पाइप लाइन को दुरुस्त कराने या फिर नए सिरे से पाइप लाइन बिछाने के लिए 128 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
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जलनिगम के अधिशासी अभियंता  सतीश कुमार ने बताया कि भेलूपुर से चौकाघाट और मिंट हाउस नदेसर तक मेन फीडर लाइन को ठीक करने के लिए 11.5 करोड़ रुपये शासन से स्वीकृत हो चुके हैं। पाइप लाइन को अत्याधुनिक मशीन से फिल्म लगाकर लीकेज रोका जाएगा। इसके बाद पेयजल आपूर्ति कर इसे जांचा जाएगा। लीकेज नहीं बंद हुआ तो 117.46 करोड़ से नई पाइप लाइन बिछाई जाएगी।
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