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आस्था : मिथिला के पाहुने ने छप्पन भोग के साथ लगाया मगही पान का भोग, लीला महोत्सव को दिया विराम

Sun, 08 Dec 2024 12:21 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sun, 08 Dec 2024 12:21 AM IST
सार

Varanasi News : लीला में बक्सर वाले मामाजी की सुपुत्री सिया दीदी की अगुवाई में महिलाओं ने प्रिय पाहुन रुचि से जेमि लिया..., ओ चारों दुलहा संभल कौड़ी खेलो..., खीर खाऊं न लजाओ  सुनो चारों भैया.., छाड़ब नहीं दुवारी हो सुनिए रघुनंदन... आदि मिथिला के पारंपरिक गीतों से ठाकुर जी का स्वागत किया।

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Faith Mithila guest offered Magahi paan along Chhappan bhog ended Leela festival in varanasi
सिय पिय मिलन विवाह महामहोत्सव के दाैरान माैजूद महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रीसीताराम विवाह पंचमी पर ब्रह्मलीन नारायण दास भक्तमाली (बक्सर वाले मामा जी) की प्रेरणा से आयोजित नौ दिवसीय लीला महोत्सव को शनिवार को राम कलेवा के साथ विराम दिया गया। जनकपुर (मिथिला) की रीति के अनुसार प्रभु श्रीराम ने मिथिला के पाहुन (दामाद) स्वरूप में ससुराल में छप्पन भोग ग्रहण किया।

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शनिवार को राजा जनक के आग्रह पर प्रभु चारों भाइयों संग विविध व्यंजनों, फल, मिठाई के साथ अंत में मगही पान का भी भोग ग्रहण करने पहुंचते हैं। लीला प्रसंग का वर्णन करते हुए लीला व्यास नरहरि दास महाराज ने कहा कि प्रभु द्वारा लिए गए कलेवा का जूठन (प्रसाद) पाने के लिए देवताओं से लेकर नर नारी सबमें होड़ लग जाती है। इसके पूर्व सियाजी की सखियां उन्हें कोहबर में ले जाती हैं। 
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सखियां उनसे हास परिहास करती हैं। इसके बाद युगल सरकार एक दूसरे को खीर पवाते हैं और कौड़ी का खेल होता है। उसके बाद कलेवा की लीला संपन्न की जाती है। अंत में चारों राजकुमारों और रानियों की एक साथ झांकी की आरती की गई। उसके बाद गुलाब की सुगंधित पंखुड़ियों की वर्षा के साथ बरात की मिथिला से विदाई की जाती है। आरती मुख्य संकल्पी अशोक अग्रवाल ने सपत्नीक उतारी। पात्र संयोजन अशोक मिश्रा ने किया। 

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Faith Mithila guest offered Magahi paan along Chhappan bhog ended Leela festival in varanasi
संस्कृत विश्वविद्यालय में मटकोर के दाैरान माता सीता को हल्दी लगातीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला

सनातन बोर्ड के गठन की मांग का समर्थन
काशी के मंदिरों ने किया सनातन बोर्ड का समर्थन: काशी के 24 से अधिक देवालयों के महंत, पुजारियों ने देवकीनंदन ठाकुर द्वारा शुरू किए गए सनातन बोर्ड के गठन की मांग का समर्थन किया। 

सनातन रक्षक दल के प्रदेश अध्यक्ष अजय शर्मा अज्जू के संयोजन में कालभैरव मंदिर महंत सुमित उपाध्याय, ढुंढिराज गणपति मंदिर के महंत प्रवीण उपाध्याय, मंगला गौरी मंदिर के महंत पं.नरेंद्र पांडेय, संकटा माता मंदिर महंत अतुल शर्मा, विशालाक्षी माता मंदिर महंत राजनाथ तिवारी, बड़ी शीतला माता मंदिर के महंत शिव प्रसाद पांडेय लिंगिया महाराज और अवशेष पांडेय कल्लू महाराज, संतोष सिंह, आदि महादेव मुक्ति न्यास अध्यक्ष रामप्रसाद सिंह, अखिल भारतीय विद्वत परिषद के अध्यक्ष डाॅ. कामेश्वर उपाध्याय, प्रो.देवी प्रसाद द्विवेदी आदि सहित अन्य ने समर्थन दिया।

राम कलेवा के भोग के साथ विवाह महोत्सव संपन्न
वाराणसी। श्रीराम जानकी मठ ट्रस्ट अस्सी में चल रहे विवाह मंचमी महोत्सव का शनिवार को समापन हुआ। इस दौरान रामकलेवा झांकी के दर्शन हुए। भगवान को छप्पन भोग लगा। महिलाओं ने मिथिला के पारंपरिक गीत गाए। इस दौरान मठ के प्रभारी रामलोचन दास, सचिन शर्मा, शैलेंद्र दूबे, ऋषभ कुमार, अनुराग उपस्थित थे। 

अगले वर्ष ब्रज भूमि में होगा सिय पिय मिलन महामहोत्सव
आयोजक सिया दीदी ने बताया कि अगले वर्ष यह 10 दिवसीय उत्सव 18 से 28 नवंबर 2025 तक श्रीधाम वृंदावन में आयोजित होगा। कथा का वाचन प्रख्यात आध्यात्मिक संत रमेश भाई ओझा करेंगे। 

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