काशी नागरी प्रचारिणी सभा में चुनाव: मतपेटियों में बंद हुई प्रत्याशियों की किस्मत, 262 ने किया मतदान
काशी नागरी प्रचारिणी सभा में 30 साल के अंतराल के बाद लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल होगी। बृहस्पतिवार को 17 पदों पर मतदान में 262 मतदाताओं ने मतों का प्रयोग किया। 940 मतदाताओं में से 228 मत पोस्टल बैलेट और 34 वोट डाले गए।
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नागरी प्रचारिणी सभा की प्रबंध समिति के लिए प्रत्याशियों के भाग्य मतपेटिका में बंद हो गए। बृहस्पतिवार को 17 पदों पर मतदान में 262 मतदाताओं ने मतों का प्रयोग किया। 940 मतदाताओं में से 228 मत पोस्टल बैलेट और 34 वोट डाले गए। हाईकोर्ट के आदेश पर मतगणना नहीं होगी और मतपेटिकाओं को सील कर कोषागार के डबल लॉक में रखवा दिया गया है।
चुनाव के परिणाम हाईकोर्ट का आदेश मिलने के बाद जारी किए जाएंगे। मतदान के दौरान कई बार हंगामे जैसी स्थितियां रहीं। बृहस्पतिवार सुबह एडीएम प्रशासन की कोर्ट में 10 बजे नागरी प्रचारिणी सभा की प्रबंध समिति के सभापति के दो, उपसभापति दो, प्रकाशन मंत्री के एक, प्रचार मंत्री के एक , प्रधानमंत्री के एक और प्रबंध समिति के दस पदों के लिए मतदान शुरू हुआ।
दोपहर तीन बजे तक बस 34 ने डाले वोट
मतदान रायफल क्लब में होना था, लेकिन प्रशासन की बैठक के कारण स्थान में बदलाव करना पड़ा। मतदान की रफ्तार सुस्त रही और तीन बजे तक केवल 34 लोगों ने वोट डाले। मतदान के दौरान दो पक्ष तो काफी सक्रिय रहा, लेकिन तीसरा पक्ष पूरी तरह से तटस्थ नजर आया।
चुनाव अधिकारी एसीएम चतुर्थ अंशिका दीक्षित ने बताया कि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। 228 डाक मतपत्र और 34 मतदाताओं ने अपने मत डाले। इसमें एक टेंडर वोट भी था। हाईकोर्ट के आदेशानुसार मतपत्र को सीलबंद करके रखवा दिया गया है। आगे जैसा आदेश होगा कार्रवाई की जाएगी।
लगते रहे गड़बड़ियों के आरोप
मतदाता सूची पर एक पक्ष ने विरोध जताया। आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कई मृत लोगों के नाम भी हैं बावजूद कई मतदाताओं के पोस्टल बैलेट से मतपत्र पहुंचे हैं। वहीं, एक मतदाता को लेकर कुछ देर तक हंगामे जैसी स्थिति रही। मतदान के दौरान मत डालने को लेकर कई बार दोनों पक्षों में गरमागरम बहस भी हुई और एक दूसरे को देख लेने की धमकी तक दे दी गई। चुनाव अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और समझा बुझाकर मामले को शांत कराया।
व्हीलचेयर तो कोई परिजनों के सहारे पहुंचा
कोई व्हीलचेयर पर बैठकर मतदान करने पहुंचा तो कोई परिजनों का सहारा लेकर। सभापति और प्रधानमंत्री पद पर तीन-तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। उपसभापति पद पर चार, साहित्य मंत्री, अर्थ मंत्री, प्रकाशन मंत्री और प्रचार मंत्री के पद पर दो-दो उम्मीदवार हैं। वहीं, प्रबंध समिति में सदस्यता के लिए 22 ने पर्चा भरा है।
- सभापति
- अनुराधा बनर्जी
- मिथिलेश कुमार पांडेय
- राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी
- उपसभापति
- सत्य नारायण पांडेय
- सुरेंद्र मोहन तिवारी
- शिवदत्त द्विवेदी
- श्रीनिवास पांडेय
- प्रधानमंत्री
- नरेंद्र नारायण द्विवेदी
- व्योमेश शुक्ल
- शोभाराम यादव
- साहित्य मंत्री
- विद्याभूषण मिश्र
- सोमदत्त द्विवेदी
- अर्थ मंत्री
- अनुराग उपाध्याय
- भावना पांडेय
- प्रकाशन मंत्री
- राधेश्याम दुबे
- राम नरायन
- प्रचार मंत्री
- आलोक शुक्ला
- कालिंदी पांडेय
- प्रबंध समिति सदस्य