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Varanasi News: जिलाधिकारी ने मांगी पाइप लाइन से संतृप्त बताए जा रहे 464 गांवों की भौतिक रिपोर्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनभद्र। जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन पाइप पेयजल योजनाओं में जलापूर्ति की वास्तविक स्थिति और ग्रामीण क्षेत्रों से मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम चर्चित गौड़ ने कलेक्ट्रेट सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए उन्होंने लापरवाही, फर्जी रिपोर्टिंग और कागजी प्रगति पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। पाइप से पानी पहुंचाने का दावा किए जाने वाले 464 गांवों की भौतिक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा।
उन्होंने झीलो परियोजना से जुड़े गांवेां में ग्राम प्रधानों की ओर से जारी पूर्णता प्रमाण पत्रों की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए। एक सप्ताह में इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
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फर्जी प्रमाण पत्र, बिना जलापूर्ति के योजना पूर्ण दर्शाने अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रधान, कार्यदाई संस्था और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई के लिए कहा। कहा कि जिन गांवों में धरातल पर पानी नहीं पहुंचा है, वहां कागजों में योजना पूर्ण दिखाना जनता के साथ सीधा छल है। ऐसे मामलों में जवाबदेही तय कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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सोनभद्र। जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन पाइप पेयजल योजनाओं में जलापूर्ति की वास्तविक स्थिति और ग्रामीण क्षेत्रों से मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम चर्चित गौड़ ने कलेक्ट्रेट सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए उन्होंने लापरवाही, फर्जी रिपोर्टिंग और कागजी प्रगति पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। पाइप से पानी पहुंचाने का दावा किए जाने वाले 464 गांवों की भौतिक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा।
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उन्होंने झीलो परियोजना से जुड़े गांवेां में ग्राम प्रधानों की ओर से जारी पूर्णता प्रमाण पत्रों की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए। एक सप्ताह में इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
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फर्जी प्रमाण पत्र, बिना जलापूर्ति के योजना पूर्ण दर्शाने अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रधान, कार्यदाई संस्था और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई के लिए कहा। कहा कि जिन गांवों में धरातल पर पानी नहीं पहुंचा है, वहां कागजों में योजना पूर्ण दिखाना जनता के साथ सीधा छल है। ऐसे मामलों में जवाबदेही तय कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।