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नहीं पूरी हुई मांगें, शिक्षकों ने निकाला पैदल मार्च
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पुरानी पेंशन बहाली, वेतन विसंगति सहित अन्य मांगों के पूरा न होने के विरोध में माध्यमिक शिक्षकों ने सोमवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना दिया। इसके बाद यहां से पैदल मार्च निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसीएम को सौंपा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व शिक्षक विधायक चेतनारायण सिंह के नेतृत्व में धरने के दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चेतनारायण सिंह ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के प्रति सरकार की उदासीनता, संवादहीनता, उपेक्षा से अब शिक्षक परेशान हैं। मांगों पर सहमति के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। न तो पुरानी पेंशन योजना बहाल हुई और न ही विद्यालयों में शिक्षण कार्य की अवधि को शासनादेश के अनुरूप किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा कोरोना से मृत शिक्षकों के परिजनों को राहत राशि के रूप में भी 50 लाख रुपये देने आदि मांगें भी जस की तस हैं। अब मुख्यमंत्री को भेजे गए मांगों पर कार्यवाही नहीं हुई तो तीन अक्तूबर को लखनऊ में आयोजित पदाधिकारियों की बैठक में अगले आंदोलन की घोषणा की जाएगी। जिसमें प्रदेशव्यापी जेल भरो आंदोलन भी संभव है। इस दौरान कमलेश सिंह, जेपी राय, बीरेंद्र प्रताप सिंह, राजीव सिंह, प्रदीप सिंह, विवेक सिंह, दिनेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व शिक्षक विधायक चेतनारायण सिंह के नेतृत्व में धरने के दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चेतनारायण सिंह ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के प्रति सरकार की उदासीनता, संवादहीनता, उपेक्षा से अब शिक्षक परेशान हैं। मांगों पर सहमति के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। न तो पुरानी पेंशन योजना बहाल हुई और न ही विद्यालयों में शिक्षण कार्य की अवधि को शासनादेश के अनुरूप किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि इसके अलावा कोरोना से मृत शिक्षकों के परिजनों को राहत राशि के रूप में भी 50 लाख रुपये देने आदि मांगें भी जस की तस हैं। अब मुख्यमंत्री को भेजे गए मांगों पर कार्यवाही नहीं हुई तो तीन अक्तूबर को लखनऊ में आयोजित पदाधिकारियों की बैठक में अगले आंदोलन की घोषणा की जाएगी। जिसमें प्रदेशव्यापी जेल भरो आंदोलन भी संभव है। इस दौरान कमलेश सिंह, जेपी राय, बीरेंद्र प्रताप सिंह, राजीव सिंह, प्रदीप सिंह, विवेक सिंह, दिनेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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