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कर्ज में डूबे शेयर कारोबारी ने फांसी लगाकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Thu, 02 Apr 2015 02:02 AM IST
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कर्ज में डूबे देवरिया के शेयर कारोबारी रमेश सिंह ने बुधवार को परेड कोठी स्थित एक लाज में फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उनका शव निकाला। जेब से सुसाइड नोट बरामद किया गया जिसमें उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को बताया है। लिखा कि कारोबार में नुकसान होने पर उन्होंने कर्ज लिया है। परिवार वालों को परेशान न किया जाए।
देवरिया की ट्यूबवेल कालोनी निवासी रमेश सिंह (40 वर्ष) 30 मार्च की दोपहर सिगरा थाना क्षेत्र के परेड कोठी स्थित एक लाज पहुंचे। वह कमरा नंबर 109 में वह ठहरे थे। वह दिन में तीन से चार घंटे के लिए शहर में निकलते थे और फिर लौट आते थे। एक अप्रैल की सुबह करीब छह बजे वह चाय पीने बाहर निकले थे। करीब आधे घंटे बाद वह लाज में लौट आए। दोपहर साढ़े बारह बजे सफाई करने पहुंचे सफाईकर्मी ने दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। खिड़की से देखा गया तो रमेश का शव पंखे से लटक रहा था।
बेडशीट के सहारे पंखे से फांसी लगाई थी। दोपहर तीन बजे सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ शव को फंदे से नीचे उतरा। पता चला है कि रमेश ने कई लोगों से पैसा लेकर शेयर बाजार में लगाया था। नुकसान होने पर उन्होंने काफी कर्ज भी लिया था। एसओ सिगरा शिवानंद मिश्रा का कहना है कि जेब से मिले सुसाइड नोट में रमेश ने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को बताया है। उनके भाई उमेश से संपर्क किया गया है। वह जल्द ही वाराणसी पहुंचेंगे। घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। रमेश के परिवार में पत्नी विमलेश एक पुत्र आैर दो पुत्रियां हैं।
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देवरिया की ट्यूबवेल कालोनी निवासी रमेश सिंह (40 वर्ष) 30 मार्च की दोपहर सिगरा थाना क्षेत्र के परेड कोठी स्थित एक लाज पहुंचे। वह कमरा नंबर 109 में वह ठहरे थे। वह दिन में तीन से चार घंटे के लिए शहर में निकलते थे और फिर लौट आते थे। एक अप्रैल की सुबह करीब छह बजे वह चाय पीने बाहर निकले थे। करीब आधे घंटे बाद वह लाज में लौट आए। दोपहर साढ़े बारह बजे सफाई करने पहुंचे सफाईकर्मी ने दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। खिड़की से देखा गया तो रमेश का शव पंखे से लटक रहा था।
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बेडशीट के सहारे पंखे से फांसी लगाई थी। दोपहर तीन बजे सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ शव को फंदे से नीचे उतरा। पता चला है कि रमेश ने कई लोगों से पैसा लेकर शेयर बाजार में लगाया था। नुकसान होने पर उन्होंने काफी कर्ज भी लिया था। एसओ सिगरा शिवानंद मिश्रा का कहना है कि जेब से मिले सुसाइड नोट में रमेश ने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को बताया है। उनके भाई उमेश से संपर्क किया गया है। वह जल्द ही वाराणसी पहुंचेंगे। घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। रमेश के परिवार में पत्नी विमलेश एक पुत्र आैर दो पुत्रियां हैं।
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