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गुरु के दर पर लगी आस्था की कतार, गूंजे शबद कीर्तन
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गुरु नानक के प्रकाशोत्सव पर गुरु के दर पर आस्थावानों की कतार लगी रही। गुरु पर्व पर उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ गुरुद्वारा गुरुबाग में शुक्रवार की सुबह से ही गुरु चरणों में हाजिरी लगाने के लिए श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। गुरुद्वारे में सुबह से ही गुरु की महिमा के बखान में संगत जमी और सदगुरु नानक परगटया मिटी धुंध जग चानण होआ और नानक नाम जहाज, जो चढ़े सो उतरे पार... से संगत को निहाल किया।
शुक्रवार को श्री गुरुनानक देव जी महाराज के 552वें प्रकाशोत्सव पर गुरुद्वारा गुरुबाग में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के बाद लंगर छककर निहाल हुए।भव्य तरीके से सजे गुरुद्वारा परिसर में सुबह से ही गुरु की संगत में शबद कीर्तन का दौर शुरू हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत गुरुघर की संगत पर फूलों की बरसात से हुई। नाम सिमरन, कीर्तन, अखंड पाठ साहिब की शुरुआत हुई। प्रसाद वितरण के साथ ही आस्थावानों ने सिर झुकाकर गुरु की महिमा का बखान सुना और उनके दर पर सिर नवाकर प्रकाश पर्व मनाया। धर्मगुरुओं ने गुरुग्रंथ साहिब को फूल चढ़ाकर आशीर्वाद लिया। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारे में दर्शन पूजन के साथ ही लंगर छका। रागी जत्था पटना साहिब के भाई सरबजीत सिंह एवं श्री दरबार साहिब अमृतसर वाले भाई नरिंदर सिंह ने कल तारण गुरुनानक आया..., बाबा आखै हाजियां शुभ अमलां बाजो दोनों रोय..., धुन की वाणी आई, तिन सगली चिंत मिटाई...गुरुवाणी शबद कीर्तन से संगत को निहाल किया।
शाम को गुरुद्वारा नीचीबाग के मुख्य ग्रंथी भाई रंजीत सिंह ने कथा द्वारा संगत को निहाल किया। हजूरी रागी भाई नरिंदर सिंह, भाई सतनाम सिंह, भाई सरबजीत सिंह ने गुरुवाणी संकीर्तन से संगत को निहाल किया। गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी भाई बलजीत सिंह व भाई महंत सिंह ने गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में प्रार्थना कर कोरोना को समाप्त करने की प्रार्थना की।
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शुक्रवार को श्री गुरुनानक देव जी महाराज के 552वें प्रकाशोत्सव पर गुरुद्वारा गुरुबाग में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के बाद लंगर छककर निहाल हुए।भव्य तरीके से सजे गुरुद्वारा परिसर में सुबह से ही गुरु की संगत में शबद कीर्तन का दौर शुरू हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत गुरुघर की संगत पर फूलों की बरसात से हुई। नाम सिमरन, कीर्तन, अखंड पाठ साहिब की शुरुआत हुई। प्रसाद वितरण के साथ ही आस्थावानों ने सिर झुकाकर गुरु की महिमा का बखान सुना और उनके दर पर सिर नवाकर प्रकाश पर्व मनाया। धर्मगुरुओं ने गुरुग्रंथ साहिब को फूल चढ़ाकर आशीर्वाद लिया। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारे में दर्शन पूजन के साथ ही लंगर छका। रागी जत्था पटना साहिब के भाई सरबजीत सिंह एवं श्री दरबार साहिब अमृतसर वाले भाई नरिंदर सिंह ने कल तारण गुरुनानक आया..., बाबा आखै हाजियां शुभ अमलां बाजो दोनों रोय..., धुन की वाणी आई, तिन सगली चिंत मिटाई...गुरुवाणी शबद कीर्तन से संगत को निहाल किया।
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शाम को गुरुद्वारा नीचीबाग के मुख्य ग्रंथी भाई रंजीत सिंह ने कथा द्वारा संगत को निहाल किया। हजूरी रागी भाई नरिंदर सिंह, भाई सतनाम सिंह, भाई सरबजीत सिंह ने गुरुवाणी संकीर्तन से संगत को निहाल किया। गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी भाई बलजीत सिंह व भाई महंत सिंह ने गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में प्रार्थना कर कोरोना को समाप्त करने की प्रार्थना की।
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