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जिस काउंटर पर करेंगे आवेदन, वहीं से मिलेगा प्रमाणपत्र
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उदय प्रताप (यूपी) कॉलेज में छात्रों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू कर दिया गया है। अब महाविद्यालय के छात्रों को टीसी, चरित्र प्रमाणपत्र सहित अन्य कार्यों के लिए चक्कर नहीं लगाना होगा। छात्र जिस काउंटर पर सुबह आवेदन देंगे। उसी काउंटर से उन्हें दोपहर बाद प्रमाणपत्र मिल जाएगा।
प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए विद्यार्थियों को एक पटल से दूसरे पटल दौड़ना पड़ता था। इससे छात्रों का समय बर्बाद होता था। इसे देखते हुए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। इस काउंटर पर छात्र पठन-पाठन संबंधी समस्या व कोई शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए प्राचार्य की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय छात्र शिकायत निवारण समिति गठित कर दी गई है। छात्र शिकायत निवारण समिति में रसायन विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर डा. राघवेंद्र सिंह, कृषि अर्थशास्त्र विभाग के के एसोसिएट प्रोफेसर डा. राकेश कुमार, रसायन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. रंजना श्रीवास्तव के अलावा छात्रों के प्रतिनिधि के रूप मं एमससी-तृतीय खंड की छात्रा ईशिता रघुवंशी भी शामिल हैं। सभी सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष होगा। महिला कर्मचारियों व छात्राओं के लैंगिक उत्पीड़न निवारण, निषेध के लिए हिंदी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनीता सिंह के संयोजकत्व में दस सदस्यीय आतंरिक शिकायत समिति गठित की गई है। यूजीसी की गाइड लाइन के अनुसार इसमें छात्राओं को भी शामिल किया गया है।
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प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए विद्यार्थियों को एक पटल से दूसरे पटल दौड़ना पड़ता था। इससे छात्रों का समय बर्बाद होता था। इसे देखते हुए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। इस काउंटर पर छात्र पठन-पाठन संबंधी समस्या व कोई शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए प्राचार्य की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय छात्र शिकायत निवारण समिति गठित कर दी गई है। छात्र शिकायत निवारण समिति में रसायन विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर डा. राघवेंद्र सिंह, कृषि अर्थशास्त्र विभाग के के एसोसिएट प्रोफेसर डा. राकेश कुमार, रसायन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. रंजना श्रीवास्तव के अलावा छात्रों के प्रतिनिधि के रूप मं एमससी-तृतीय खंड की छात्रा ईशिता रघुवंशी भी शामिल हैं। सभी सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष होगा। महिला कर्मचारियों व छात्राओं के लैंगिक उत्पीड़न निवारण, निषेध के लिए हिंदी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनीता सिंह के संयोजकत्व में दस सदस्यीय आतंरिक शिकायत समिति गठित की गई है। यूजीसी की गाइड लाइन के अनुसार इसमें छात्राओं को भी शामिल किया गया है।
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