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Varanasi News: कंट्रोल रूम बताएगा शहर में कहां-कहां हुई जलापूर्ति
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वाराणसी। भेलूपुर स्थित जलकल परिसर में एक कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि शहर के किस इलाके में जलापूर्ति हुई और कहां नहीं। स्काडा सिस्टम के जरिये जलापूर्ति की निगरानी को और आसान बनाने के लिए काम चल रहा है। पहले चरण में सभी ट्यूबवेल और जलापूर्ति करने वाली मशीनों में टाइमर लगाए गए हैं।
पूरे शहर में लगभग 1300 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन है, जिनके जरिये हर घर में पानी पहुंचाया जाता है। प्रतिदिन सुबह 5 से 10 बजे और शाम 4 से 8 बजे तक जलापूर्ति अपने आप शुरू होती है। इस ऑटोमेटिक सिस्टम से काशीवासियों को पानी की उपलब्धता पर निगरानी रखी जा रही है। साथ ही, शहर की 17 पानी की टंकियों पर कैमरे लगाए गए हैं, जो मास्टर कंट्रोल स्टेशन से जुड़े हैं और 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। इन कैमरों के माध्यम से पता चल सकेगा कि टंकी भरी है या नहीं।
टंकी भरते ही कंट्रोल रूम में अलार्म बजेगा और उस टंकी की आपूर्ति ऑटोमेटिक बंद हो जाएगी। इससे पानी में क्लोरीन और पीएच स्तर की ऑटोमेटिक जांच भी संभव होगी। जलकल के सचिव विश्वनाथ ने बताया कि जल निगम की देखरेख में पानी की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है। भविष्य में इसे और एडवांस बनाया जाएगा ताकि कंट्रोल रूम से ही पूरे शहर में जलापूर्ति की निगरानी की जा सके।
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पूरे शहर में लगभग 1300 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन है, जिनके जरिये हर घर में पानी पहुंचाया जाता है। प्रतिदिन सुबह 5 से 10 बजे और शाम 4 से 8 बजे तक जलापूर्ति अपने आप शुरू होती है। इस ऑटोमेटिक सिस्टम से काशीवासियों को पानी की उपलब्धता पर निगरानी रखी जा रही है। साथ ही, शहर की 17 पानी की टंकियों पर कैमरे लगाए गए हैं, जो मास्टर कंट्रोल स्टेशन से जुड़े हैं और 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। इन कैमरों के माध्यम से पता चल सकेगा कि टंकी भरी है या नहीं।
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टंकी भरते ही कंट्रोल रूम में अलार्म बजेगा और उस टंकी की आपूर्ति ऑटोमेटिक बंद हो जाएगी। इससे पानी में क्लोरीन और पीएच स्तर की ऑटोमेटिक जांच भी संभव होगी। जलकल के सचिव विश्वनाथ ने बताया कि जल निगम की देखरेख में पानी की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है। भविष्य में इसे और एडवांस बनाया जाएगा ताकि कंट्रोल रूम से ही पूरे शहर में जलापूर्ति की निगरानी की जा सके।
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