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केंद्र सरकार की किरकिरी से संघ चिंतित
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Sun, 21 Jun 2015 02:29 AM IST
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केंद्रीय मंत्रियों की फिजूल की बयानबाजी से मोदी सरकार की हो रही किरकिरी से संघ चिंतित है। संघ का मानना है कि मोदी सरकार को विरोधियों से कम, अपनों की बयानबाजी से ज्यादा नुकसान हो रहा है। एक तो आम जनता के बीच सरकार की छवि खराब हो रही है, दूसरे सरकार अपने अच्छे कामों को जनता तक सही ढंग से पहुंचा नहीं पा रही है। काशी में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक योजना बैठक में शनिवार को नरेंद्र मोदी सरकार के एक साल के कामकाज पर भी चर्चा हुई।
सूत्रों के मुताबिक सर संघचालक मोहन भागवत ने इशारों ही इशारों में कहा कि सरकार को खुद अपनी समीक्षा करनी चाहिए। यह जानने का प्रयास करना चाहिए कि भारी बहुमत वाली सरकार एक साल में जनाकांक्षाओं पर कितनी खरी उतरी है। संघ प्रमुख ने कहा कि सरकार ने जनकल्याण के कई काम किए हैं मगर मंत्रियों की अनर्गल बयानबाजी से सरकार की किरकिरी हुई। बैठक में भूमि अधिग्रहण विधेयक को लेकर भी चर्चा हुई। संघ का मानना है कि भूमि अधिग्रहण विधेयक को लेकर सरकार की हड़बड़ी से किसानों के बीच गलत संदेश गया। विरोधी दल किसानों को बरगलाने में कामयाब हो गए। विधेयक में कई संशोधन करने के बाद भी सरकार किसानों का भरोसा नहीं जीत सकी।
सत्ता का सुख भोग रहे संगठन मंत्री हटेंगे
संघ सूत्रों के अनुसार वार्षिक बैठक में चौथे दिन क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों के कामकाज पर भी चर्चा हुई। सर संघचालक भागवत ने साफ कहा कि कुछ लोगों को सत्ता सुख की लत लग गई है। महंगी गाड़ियों में घूमना, महंगे होटलों में रात गुजारना ऐसी कई शिकायतें सामने आ रही हैं। यह ठीक नहीं हैं। ऐसे लोगों को दायित्व से मुक्त किया जाएगा।
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म्यांमार प्रकरण में बयानबाजी से रिश्तों पर असर
संघ परिवार का भी मानना है कि म्यांमार प्रकरण में केंद्रीय मंत्री की बयानबाजी से दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर असर पड़ सकता है। ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति से सरकार को बचना चाहिए। पड़ोसी देशों से रिश्ते बेहतर होंगे तो विकास की गति तेज होगी।
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सूत्रों के मुताबिक सर संघचालक मोहन भागवत ने इशारों ही इशारों में कहा कि सरकार को खुद अपनी समीक्षा करनी चाहिए। यह जानने का प्रयास करना चाहिए कि भारी बहुमत वाली सरकार एक साल में जनाकांक्षाओं पर कितनी खरी उतरी है। संघ प्रमुख ने कहा कि सरकार ने जनकल्याण के कई काम किए हैं मगर मंत्रियों की अनर्गल बयानबाजी से सरकार की किरकिरी हुई। बैठक में भूमि अधिग्रहण विधेयक को लेकर भी चर्चा हुई। संघ का मानना है कि भूमि अधिग्रहण विधेयक को लेकर सरकार की हड़बड़ी से किसानों के बीच गलत संदेश गया। विरोधी दल किसानों को बरगलाने में कामयाब हो गए। विधेयक में कई संशोधन करने के बाद भी सरकार किसानों का भरोसा नहीं जीत सकी।
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सत्ता का सुख भोग रहे संगठन मंत्री हटेंगे
संघ सूत्रों के अनुसार वार्षिक बैठक में चौथे दिन क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों के कामकाज पर भी चर्चा हुई। सर संघचालक भागवत ने साफ कहा कि कुछ लोगों को सत्ता सुख की लत लग गई है। महंगी गाड़ियों में घूमना, महंगे होटलों में रात गुजारना ऐसी कई शिकायतें सामने आ रही हैं। यह ठीक नहीं हैं। ऐसे लोगों को दायित्व से मुक्त किया जाएगा।
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म्यांमार प्रकरण में बयानबाजी से रिश्तों पर असर
संघ परिवार का भी मानना है कि म्यांमार प्रकरण में केंद्रीय मंत्री की बयानबाजी से दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर असर पड़ सकता है। ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति से सरकार को बचना चाहिए। पड़ोसी देशों से रिश्ते बेहतर होंगे तो विकास की गति तेज होगी।