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वाराणसीः इनामी गिरधारी की गिरफ्तारी से नीतेश हत्याकांड का राज खुलने की उम्मीद बढ़ी
Tue, 12 Jan 2021 12:03 AM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Tue, 12 Jan 2021 12:03 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख अजीत सिंह की हत्या में वांछित एक लाख का इनामी बदमाश कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ गिरधारी उर्फ डॉक्टर दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया गया है। 22 से ज्यादा आपराधिक मुकदमों के आरोपी गिरधारी की गिरफ्तारी के बाद अब नीतेश सिंह उर्फ बबलू की हत्या की वजह स्पष्ट होने के साथ ही अन्य शूटरों और वारदात की साजिश में शामिल लोगों के बेनकाब होने की उम्मीद बढ़ गई है।
30 सितंबर 2019 को शिवपुर स्थित सदर तहसील परिसर में दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिंग कर सारनाथ थाने के हिस्ट्रीशीटर नीतेश सिंह उर्फ बबलू की हत्या कर दी गई थी। अजीत सिंह की तरह नीतेश भी बुलेटप्रूफ वाहन में चलने के साथ असलहे से लैस रहता था। वह तहसील का अपना कामकाज निपटा कर अपने वाहन में बैठने जा रहा था तभी दो बदमाशों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग की थी।
सीसी कैमरों की फुटेज की मदद से पुलिस ने चोलापुर थाने के लखनपुर निवासी गिरधारी को चिह्नित किया और उस पर एक लाख का इनाम भी घोषित किया। हालांकि इसके बाद आज तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि नीतेश की हत्या क्यों की गई थी। गिरधारी के अलावा दूसरा शूटर कौन था और वारदात की साजिश रचने में कौन-कौन शामिल था।
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सोमवार की रात गिरधारी के गिरफ्तार होने की सूचना मिलते ही जिला पुलिस भी सक्रिय हो गई है। बताया जा रहा है कि गिरधारी को दिल्ली से लखनऊ लाए जाने के बाद शिवपुर थाने की पुलिस उसे पुलिस कस्टडी रिमांड में लेने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र देगी। इसके बाद गिरधारी को बनारस लाकर उससे नीतेश हत्याकांड के संबंध में विस्तार से पूछताछ की जाएगी।
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30 सितंबर 2019 को शिवपुर स्थित सदर तहसील परिसर में दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिंग कर सारनाथ थाने के हिस्ट्रीशीटर नीतेश सिंह उर्फ बबलू की हत्या कर दी गई थी। अजीत सिंह की तरह नीतेश भी बुलेटप्रूफ वाहन में चलने के साथ असलहे से लैस रहता था। वह तहसील का अपना कामकाज निपटा कर अपने वाहन में बैठने जा रहा था तभी दो बदमाशों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग की थी।
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सीसी कैमरों की फुटेज की मदद से पुलिस ने चोलापुर थाने के लखनपुर निवासी गिरधारी को चिह्नित किया और उस पर एक लाख का इनाम भी घोषित किया। हालांकि इसके बाद आज तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि नीतेश की हत्या क्यों की गई थी। गिरधारी के अलावा दूसरा शूटर कौन था और वारदात की साजिश रचने में कौन-कौन शामिल था।
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सोमवार की रात गिरधारी के गिरफ्तार होने की सूचना मिलते ही जिला पुलिस भी सक्रिय हो गई है। बताया जा रहा है कि गिरधारी को दिल्ली से लखनऊ लाए जाने के बाद शिवपुर थाने की पुलिस उसे पुलिस कस्टडी रिमांड में लेने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र देगी। इसके बाद गिरधारी को बनारस लाकर उससे नीतेश हत्याकांड के संबंध में विस्तार से पूछताछ की जाएगी।
पूर्वांचल में संरक्षण और शरण देने वालों की धुकधुकी बढ़ी
गिरधारी की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में उसे संरक्षण और शरण देने वालों सफेदपोशों की धुकधुकी बढ़ गई है। चर्चा रही कि सभी एक-दूसरे को दिलासा दे रहे थे कि गिरधारी इतना शातिर बदमाश है कि किसी के ऊपर आंच नहीं आने देगा और कुछ दिनों में सब कुछ सामान्य हो जाएगा।
वहीं, एक चर्चा यह भी रही कि गिरधारी अब जेल की सलाखों के पीछे रह कर ही मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र से ब्लाक प्रमुख के चुनाव की रणनीति बनाएगा और जीत हासिल करने के लिए पूरा दमखम लगा देगा।
वहीं, एक चर्चा यह भी रही कि गिरधारी अब जेल की सलाखों के पीछे रह कर ही मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र से ब्लाक प्रमुख के चुनाव की रणनीति बनाएगा और जीत हासिल करने के लिए पूरा दमखम लगा देगा।