{"_id":"653b44ab903558863c06dfc5","slug":"thakur-s-treatment-is-going-on-in-bhu-hospital-for-four-years-police-is-deployed-for-security-2023-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाराणसी: चार साल से बीएचयू में चल रहा माफिया सुभाष ठाकुर का इलाज, सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहती है पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसी: चार साल से बीएचयू में चल रहा माफिया सुभाष ठाकुर का इलाज, सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहती है पुलिस
Fri, 27 Oct 2023 10:33 AM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Fri, 27 Oct 2023 10:33 AM IST
सार
कमिश्नरेट की पुलिस के पास दर्ज विवरण के अनुसार, सुभाष ठाकुर को उपचार के लिए बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में 25 नवंबर 2019 को लाया गया था।
विज्ञापन
माफिया सुभाष ठाकुर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फतेहगढ़ सेंट्रल जेल का सजायाफ्ता कैदी सुभाष ठाकुर बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में बीते चार साल से उपचार करा रहा है। इस संबंध में फतेहगढ़ सेंट्रल जेल प्रशासन का कहना है कि ठाकुर को क्या बीमारी है, उसके बारे में डॉक्टर ही बता सकते हैं। अस्पताल में ठाकुर का उपचार अदालत के आदेश से किया जा रहा है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- घूस लेते हुए लेखपाल रंगेहाथ गिरफ्तार: रिपोर्ट लगाने के लिए मांगे दस हजार रुपये, पुलिस ने ऐसे बिछाया जाल
विज्ञापन
कमिश्नरेट की पुलिस के पास दर्ज विवरण के अनुसार, सुभाष ठाकुर को उपचार के लिए बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में 25 नवंबर 2019 को लाया गया था। सुभाष ठाकुर को गुर्दा रोग, स्पॉन्डिलाइटिस और मनोरोग से पीड़ित बताया गया था। सुभाष ठाकुर की सुरक्षा व्यवस्था में छह पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। बीच में एकाध बार ठाकुर को बीएचयू अस्पताल से ले जाया गया, लेकिन फिर वापस लाकर भर्ती करा दिया गया। फिलहाल, वह सर सुंदरलाल अस्पताल के गुर्दा रोग विभाग में भर्ती है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार सुभाष ठाकुर के गुर्दे की स्थिति ठीक नहीं है और उपचार जारी है। ठाकुर की बीमारी ठीक होने में कितना समय लगेगा, इस संबंध में गुर्दा रोग विभाग के डॉक्टर कोई सटीक जानकारी नहीं दे सके।
विज्ञापन