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तेजस्विन शंकर का काशी से है दिल का नाता

Fri, 05 Aug 2022 01:06 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 05 Aug 2022 01:06 AM IST
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Tejaswin Shankar's heart is related to Kashi
राष्ट्रमंडल खेलों में हाईजंप इवेंट में देश के लिए पहला मेडल जीतने वाले तेजस्विन का काशी से दिल का रिश्ता है। बनारस ही तेजस्विन की जन्मभूमि है और बाबा विश्वनाथ उनके आराध्य हैं। यही कारण है कि तेजस्विन के नाम के आगे शंकर भी जुड़ा हुआ है। हनुमान घाट मोहल्ले में उनका ननिहाल है। उनके नाना नानी को जब तेजस्विन के कांस्य पदक जीतने की खबर मिली तो वह भी बेहद खुश नजर आए।
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यह खुशी दिल्ली ही नहीं केरल से लेकर वाराणसी तक पहुंच चुकी है। तेजस्विन के मामा सुब्रमण्यम मणि ने बताया कि आज का दिन हम सभी के लिए गौरव का क्षण लेकर आया है। तेजस्विन तो बचपन से ही खेल के प्रति काफी उत्सुक रहता था। तेजस्विन की नानी एस राजलक्ष्मी ने बताया कि उनके दामाद सुप्रीम कोर्ट में वकील थे। उनकी बेटी, नाती तेजस्विन और नतिनी अवंतिका का जन्म बनारस में ही हुआ था। तेजस्विन के पिता उसे क्रिकेटर बनाना चाहते थे। वह बहुत अच्छा क्रिकेट खेलता था। बाद में कोच ने उसे हाईजंप में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। वह जहां भी गया बाबा विश्वनाथ की कृपा से हर जगह उसने मेडल ही जीता। अमेरिका में पांच वर्ष रहने के दौरान उसके खेल में निखार आया और आज उसकी मेहनत सफल हुई। तेजस्विन का बचपन से ही बनारस और ननिहाल से बहुत लगाव था। तीन साल पहले वह बनारस आया था। इसके बाद तो कोरोना संक्रमण आ गया। कहा है कि वह जल्द ही बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने के लिए बनारस आएगा। तेजस्विन के नाना सुब्रमण्यम वाध्यार पौरोहित्य का कार्य कराते हैं।
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