{"_id":"5e8722228ebc3e6fca005a23","slug":"teen-dies-due-to-lack-of-treatment-in-mau","type":"story","status":"publish","title_hn":"# Lock down: दीवार के मलबे में दबे किशोर को लेकर पिता लगाता रहा अस्पतालों का चक्कर, उपचार के अभाव में मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
# Lock down: दीवार के मलबे में दबे किशोर को लेकर पिता लगाता रहा अस्पतालों का चक्कर, उपचार के अभाव में मौत
Fri, 03 Apr 2020 05:25 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Fri, 03 Apr 2020 05:25 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
मऊ शहर कोतवाली क्षेत्र के पठान टोला मुहल्ला के दलित बस्ती में शुक्रवार की सुबह लगभग आठ बजे सड़क के किनारे स्थित एक जर्जर दीवार अचानक ढ़ह गई। इस घटना में सड़क के किनारे ठेले पर बैठा किशोर मलबे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल को परिवार के सदस्य उपचार के लिए सदर अस्पताल से लेकर नर्सिंग होम तक का चक्कर लगाते रहे। लेकिन कहीं उसे भर्ती नहीं किया गया। इसी बीच घायल ने दम तोड़ दिया। मृत किशोर के परिजनों ने आरोप लगाया कि दीवार जर्जर थी।
दीवार के स्वामी को मरम्मत कराने के लिए कई बार कहा गया, लेकिन मकान के मालिक ने उदासीनता बरती। दलित बस्ती निवासी बिंदु चौहान के घर के सामने सड़क के किनारे मु. इमान का हाता है। हाता की सामने की दीवार कई सालों से काफी जर्जर होकर झुक गई थी।
विज्ञापन
शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे बिंदु चौहान का दस वर्षीय पुत्र समीर चौहान अपने घर के सामने ठेले पर बैठा था। तभी हवा चलने पर अचानक हाता की जर्जर दीवार ढह गई। घटना में किशोर मलबे में दबकर कर गंभीररुप से घायल हो गया। घटना के बाद हड़कंप मच गया।
इस दौरान परिवार के सदस्य आनन फानन में घायल को उपचार के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उसे डाक्टरों ने शासनादेश का हवाला देकर भर्ती करने से इनकार कर दिया, इसके बाद परिवार के सदस्य किशोर को लेकर कई नर्सिंग होमों पर पहुंचे, लेकिन किसी ने किशोर को भर्ती नहीं किया।
इस भागदौड़ के बीच किशोर ने उपचार के अभाव में दम तोड़ दिया। किशोर की मौत हो जाने पर लोग रोते बिलखते वापस घर लौट गए। मृतक के पिता बिंदु चौहान ने बताया कि जर्जर दीवार काफी खतरनाक हो गई थी। उसे कई सालों से मरम्मत कराने के लिए मालिक से गुहार लगा रहे थे लेकिन मकान मालिक ने उसकी बातों को अनसुना कर दिया।
विज्ञापन
घायल को परिवार के सदस्य उपचार के लिए सदर अस्पताल से लेकर नर्सिंग होम तक का चक्कर लगाते रहे। लेकिन कहीं उसे भर्ती नहीं किया गया। इसी बीच घायल ने दम तोड़ दिया। मृत किशोर के परिजनों ने आरोप लगाया कि दीवार जर्जर थी।
विज्ञापन
दीवार के स्वामी को मरम्मत कराने के लिए कई बार कहा गया, लेकिन मकान के मालिक ने उदासीनता बरती। दलित बस्ती निवासी बिंदु चौहान के घर के सामने सड़क के किनारे मु. इमान का हाता है। हाता की सामने की दीवार कई सालों से काफी जर्जर होकर झुक गई थी।
विज्ञापन
शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे बिंदु चौहान का दस वर्षीय पुत्र समीर चौहान अपने घर के सामने ठेले पर बैठा था। तभी हवा चलने पर अचानक हाता की जर्जर दीवार ढह गई। घटना में किशोर मलबे में दबकर कर गंभीररुप से घायल हो गया। घटना के बाद हड़कंप मच गया।
इस दौरान परिवार के सदस्य आनन फानन में घायल को उपचार के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उसे डाक्टरों ने शासनादेश का हवाला देकर भर्ती करने से इनकार कर दिया, इसके बाद परिवार के सदस्य किशोर को लेकर कई नर्सिंग होमों पर पहुंचे, लेकिन किसी ने किशोर को भर्ती नहीं किया।
इस भागदौड़ के बीच किशोर ने उपचार के अभाव में दम तोड़ दिया। किशोर की मौत हो जाने पर लोग रोते बिलखते वापस घर लौट गए। मृतक के पिता बिंदु चौहान ने बताया कि जर्जर दीवार काफी खतरनाक हो गई थी। उसे कई सालों से मरम्मत कराने के लिए मालिक से गुहार लगा रहे थे लेकिन मकान मालिक ने उसकी बातों को अनसुना कर दिया।