Varanasi News: बिजली कर्मियों के घर मीटर लगाने गई टीम का विरोध, बिना काम लौटाया; बोले- गजट नियम विरुद्ध है
बिजली कर्मचारियों के घर मीटर लगाने का विरोध किया जा रहा है। कहा कि यह नियम के विरुद्ध है। बिजली निगम के पदाधिकारियों ने इस कदम को कर्मचारी हितों के खिलाफ कदम बताया है।
विस्तार
बिजली निगम की ओर से बिजली कर्मियों के घर पर मीटर लगाने का अभियान शुरू हो गया है। इसके तहत बुधवार को अधीक्षण अभियंता के निर्देशन में टीम जैसे ही बिजली कर्मियों के घर मीटर लेकर पहुंची, वहां विरोध शुरू हो गया। कर्मचारियों ने इसको कर्मचारी हितों के विपरीत बताते हुए टीम को बिना काम किए लौटा दिया।
दूसरी ओर बिजली निगम के निजीकरण को लेकर सभी अधिशासी अभियंता कार्यालय,मड़ौली, पहड़िया,भेलूपुर, कज्जाकपुरा, चिरईगांव आदि जगहों पर प्रदर्शन किया कर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
बुधवार को बिजली निगम की एक टीम मीटर लेकर बिजली कर्मियों के घर पहुंची तो कर्मचारियों ने इस पर आपत्ति जताते हुए विरोध शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने इसकी सूचना विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को दी। इस पर पदाधिकारियों ने इस कदम को कर्मचारी हितों के खिलाफ कदम बताया। समिति के मीडिया सचिव अंकुर पांडेयके साथ ही मायाशंकर तिवारी, राजेंद्र सिंह ने कहा कि यह राज्य सरकार के गजट के नियम विरुद्ध है।
जताई नाराजगी
कहा कि अगर निगम के अधिकारी फिर भी नहीं मानें और किसी भी व्यक्ति या उपभोक्ताओं को नियम विरुद्ध परेशान किया जाता है तो इसका विरोध और तेज किया जाएगा। कहा कि पावर कारपोरेशन विधुत अधिनियम2003 की धारा 47 (5) के तहत उपभोक्ताओं को प्रीपेड संयोजन एवं पोस्टपेड संयोजन चुनने का पूरा अधिकार है।
अभी तक विधुत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) में किसी भी प्रकार का संशोधन नही हुआ है इसलिए बिना उपभोक्ताओं की सहमति के पोस्टपैड से प्रीपेड बिजली मीटर करना भी गलत है। इस दौरान आरबी यादव, एसके सिंह, रंजीत कुमार, प्रवीण कुमार, कृष्णा सिंह,पंकज यादव आदि लोगों ने निगम के निजीकरण के फैसले को निरस्त करने की मांग की।
कर्मचारियों के घर नियमानुसार मीटर लगाया जा रहा है। जिस तरह से उन्होंने विरोध किया है, उस मामले में कर्मचारियों से बातचीत कर मीटर लगवाने का काम करवाया जाएगा। इससे जिले में बिजली की खपत की सही जानकारी मिलेगी। - आरबी शर्मा, अधीक्षण अभियंता