{"_id":"5fdc77d4b7103174ac4026e5","slug":"team-of-agricultural-scientists-reached-villages-new-agriculture-law-will-give-new-dimension-to-agriculture","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांवों में पहुंची कृषि वैज्ञानिकों की टीम, कहा- नए कृषि कानून से मिलेगा खेती को नया आयाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांवों में पहुंची कृषि वैज्ञानिकों की टीम, कहा- नए कृषि कानून से मिलेगा खेती को नया आयाम
Fri, 18 Dec 2020 03:29 PM IST
विचित्र सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: विचित्र सिंह
Updated Fri, 18 Dec 2020 03:29 PM IST
विज्ञापन
खेती के बारे में जानकारी लेती कृषि वैज्ञानिकों की टीम।
वाराणसी में फॉर्ड फाउंडेशन की ओर से कृषि वैज्ञानिकों की टीम ने गांव में पहुंचकर किसानों को नए कृषि कानून सहित किसानों के लिए चलने वाली योजनाओं के बारे में बताया। इस दौरान भिखारीपुर, बंगालीपुर, जयापुर, जोगापुर गांव में पहुंची टीम ने उन्नतशील खेती करने के प्रति भी जागरूक किया।
कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. पंजाब सिंह ने कहा कि नया कृषि कानून किसानों के हित में है। इससे खेती किसानी को भी नया आयाम मिलेगा। किसानों को अधिक से अधिक लाभ दिलाना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है। इसी उद्देश्य से फाउंडेशन की ओर से नई तकनीक के बारे में जानकारी देने के साथ ही बीज भी वितरित किया जा रहा है।
प्रो. पंजाब ने कहा कि खेती के माध्यम से किसानों को रोजगार देने के प्रति सरकार भी प्रतिबद्ध है। इसके लिए तीन नए कानून भी लाए गए हैं। बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के पूर्व निदेशक शिवराज सिंह ने कहा कि किसानों के लिए जानवरों द्वारा फसल बर्बाद करने की समस्या बढ़ी है और जल्द ही इसका कोई हल निकाला जाएगा। फाउंडेशन के ट्रस्टी उमेश सिंह ने बताया कि हर जनपद में प्रगतिशील किसानों को विशेषकर महिला किसानों को 10000 रुपये की फेलोशिप प्रदान की जाएगी। इस दौरान बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के पूर्व डीन प्रोफेसर आरएम सिंह, भारतीय सब्जी अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. नीरज सिंह, बायोटेक किसान परियोजना से जुड़े डॉ. संतोष सिंह, डॉ. राजेश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. पंजाब सिंह ने कहा कि नया कृषि कानून किसानों के हित में है। इससे खेती किसानी को भी नया आयाम मिलेगा। किसानों को अधिक से अधिक लाभ दिलाना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है। इसी उद्देश्य से फाउंडेशन की ओर से नई तकनीक के बारे में जानकारी देने के साथ ही बीज भी वितरित किया जा रहा है।
विज्ञापन
प्रो. पंजाब ने कहा कि खेती के माध्यम से किसानों को रोजगार देने के प्रति सरकार भी प्रतिबद्ध है। इसके लिए तीन नए कानून भी लाए गए हैं। बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के पूर्व निदेशक शिवराज सिंह ने कहा कि किसानों के लिए जानवरों द्वारा फसल बर्बाद करने की समस्या बढ़ी है और जल्द ही इसका कोई हल निकाला जाएगा। फाउंडेशन के ट्रस्टी उमेश सिंह ने बताया कि हर जनपद में प्रगतिशील किसानों को विशेषकर महिला किसानों को 10000 रुपये की फेलोशिप प्रदान की जाएगी। इस दौरान बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के पूर्व डीन प्रोफेसर आरएम सिंह, भारतीय सब्जी अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. नीरज सिंह, बायोटेक किसान परियोजना से जुड़े डॉ. संतोष सिंह, डॉ. राजेश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन