शिक्षक दिवस पर खासः छात्रों की जिंदगी में उजाला करने में जुटे बनारस के ये शिक्षक
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मलिन बस्ती के बच्चों के लिए बने सहारा
यहुशाफत शिवपुरी गरीब, अनाथ व मलिन बस्तियों में रहने वाले बच्चों के जीवन में शिक्षा का उजियारा फैला रहे हैं। एशियन सहयोगी संस्था इंडिया द्वारा संचालित बाल गृह शिशु के जरिए बच्चों को किताबी शिक्षा के साथ स्वच्छता का पाठ भी पढ़ाते हैं। 2014 से संचालित एक संस्था की छात्रा हसीना बानो ने यूपी बोर्ड परीक्षा 75 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण कर लोहता स्थित एक निजी नर्सिगिं होम में स्नातक स्तर की शिक्षा ग्रहण कर रही है। संस्था की ओर से घुमंतू बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी करते हैं।
जिंदगी में रंग भर रहा ट्राई टू फाइट फाउंडेशन
कचहरी स्थित टीटीएफ फाउंडेशन एक ऐसी संस्था है, जो 2013 से वाराणसी समेत भदोही, सोनभद्र, गाजीपुर व मिर्जापुर में निरक्षर बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं। संस्था ने अब तक एक हजार से अधिक बच्चों को शिक्षित किया है। मौजूदा वक्त में 500 विद्यार्थी व 50 से अधिक कार्यकर्ता इसमें सहयोग कर रहे हैं।
इस संस्था का उद्देश्य बच्चों में सामाजिक, वैज्ञानिक, बौद्घिक विकास करने के साथ उन्हें शिक्षा, स्वच्छता व पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है। कला व संगीत क्षेत्र में रूचि रखने वाले बच्चों को इसकी बारीकियों से रूबरू कराया जाता है। संस्था को विद्यापीठ समाज कार्य विभाग की ओर से पुरस्कार प्राप्त है। संस्था के सदस्यों में मुख्य रूप से रंजीत रंजन उपाध्याय अध्यक्ष, यजत द्विवेदी, अंकित श्रीवास्तव, वैभव मिश्रा, प्रशांत देव वर्मा हैं।
घर से बुलाकर बच्चों को पढ़ाया
लहरतारा निवासी एक निजी स्कूल में शिक्षिका सीमा 2013 से बच्चों को घर से बुलाकर निशुल्क शिक्षा देने का कार्य कर रही हैं। चार बच्चों से शुरू हुई इस पहल से एक साल में 25 बच्चे जुड़ गए। कई ऐसे बच्चे थे जिन्होंने स्कूल नहीं देखा, उनका एडमिशन प्राइमरी स्कूल में कराया। सीमा बच्चों को शिक्षा के साथ नैतिक, गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, व महापुरुषों के बारे में भी ज्ञान देती है। हफ्ते में एक दिन सीमा उन्हें उनके लिए टैलेंट शो भी रखती है, जिसमें बच्चे अपना हुनर दिखाते है।