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Lockdown: में छिनी रोजी तो समाजसेवा को बनाया आजीविका का साधन, 10 रुपये के काढ़े से बनारसी लोग बढ़ा रहे अपनी इम्युनिटी  

Thu, 23 Jul 2020 07:55 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Thu, 23 Jul 2020 07:55 PM IST
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Tea business fails due to Ayurvedic beverages n varanasi
काढ़े की दुकान - फोटो : अमर उजाला

वर्तमान में शायद ही कोई व्यक्ति ऐसा हो जो कोरोना महामारी के संक्रमण से मानसिक या शारीरिक रूप से प्रभावित न हो। यह बीमारी ज्यादातर उन्हीं लोगों को चपेट में ले रही है, जिनके शारीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। ऐसे में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेद से बेहतर कोई उपाय नही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लोगों से आयुर्वेद को अपनाने का आग्रह कर रहे हैं। जिस पर लोग अमल भी कर रहे हैं। उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी के वासी विजय कुमार ने आयुर्वेद के बेहद प्रचलित और प्रभावी पेय पदार्थ काढ़ा को बेहद खास तरीके से प्रचारित कर दिया है।   

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दरअसल, कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन ने रोजी-रोजगार को बुरी तरह से प्रभावित किया। इससे साड़ी के व्यवसायी विजय की भी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो गई। विजय ने धैर्य रखा और लॉकडाउन में निःशुल्क काढ़ा पिलाने के बाद तीन महीने के बाद अब अनलॉक में वाराणसी शहर के जंगमबाड़ी क्षेत्र में आयुर्वेदिक काढ़े की दुकान खोली है। 
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Tea business fails due to Ayurvedic beverages n varanasi
काढ़े की दुकान - फोटो : अमर उजाला।

यह काढ़ा महामारी में मरहम का काम कर रहा है। विजय ने अपनी दुकान पर 10 रुपये का रेट बोर्ड लगा रखा है। काढ़ा लेने और पीने आए ग्राहकों के पास पैसा नहीं होने पर वह काढ़ा लोगों को निःशुल्क भी पिलाते हैं। ज्यादातर लोग अपनी खुशी से पैसे दे देते हैं। विजय समाजसेवा के साथ अपने परिवार का आजीविका भी चला रहे हैं।

Tea business fails due to Ayurvedic beverages n varanasi
आयुर्वेद - फोटो : अमर उजाला

पहले हॉटस्पॉट जोन में निःशुल्क पिलाया

विजय ने लॉकडाउन की शुरुआत में दशाश्वमेध थाने की पुलिस के सहयोग से कोरोना के हॉटस्पॉट इलाकों में जाकर लोगों तक इस आयुर्वेदिक काढ़े को पहुंचाया। तीन महीने तक लगातार हॉटस्पॉट जोन, बफर जोन और शहर के लगभग सभी थानों में फ्री में काढ़ा पिलाया। 
 
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Tea business fails due to Ayurvedic beverages n varanasi
आयुर्वेद - फोटो : अमर उजाला

पूरे देश में खोलेंगे काढ़ा ब्रांच

विजय बताते हैं कि लोगों की सेवा करके वह बहुत संतुष्ट हैं, और मौका मिला तो सिर्फ बनारस और यूपी ही नहीं बल्कि पूरे इंडिया को अपना बनारसी काढ़ा पिलाएंगे। काढ़ा पीने आए संतोष चक्रवर्ती बताते हैं कि कोरोना काल में उन्होंने चाय के जगह काढ़ा पीना शुरू कर दिया है। वह और लोगों से भी कहते हैं कि सभी लोग चाय की जगह काढ़ा पिएं।

इन आयुर्वेद मसालों से बनता है काढ़ा

विजय ने अपने आयुर्वेदिक काढ़े में 16 मसालों को शामिल किया है, जिसमें तुलसी, अश्वगंधा, मुलेठी, गिलोय, दालचीनी, लौंग, काली मिर्च, छोटी इलाइची, सौंठ पाउडर, काला मुनक्का, तेज पत्ता, अजवाइन, पीपर, गुड़ और अर्जुन का छाल है। विजय इस काढ़े को अच्छे से पकाते हैं, ताकि सभी आयुर्वेदिक मसालों के मिश्रण का रस पूरी तरह से काढ़े में मिल जाए। 

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