करदाता परेशान: आयकर के नए पोर्टल ने बढ़ाई परेशानी, आईटी रिटर्न और अपील फाइल कराने के लिए लगा रहे चक्कर
करदाताओं को हर साल रिटर्न दाखिल करना होता है। इसके अलावा बैंक से कर्ज लेने, अपील फाइल करने आदि का काम भी करना होता है। इस बीच आयकर विभाग ने जो नया पोर्टल लांच किया हैं, उसके काम न करने की वजह से परेशानी बढ़ रही है।
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आयकर रिटर्न दाखिल करने, अपील फाइल करने, चालान सहित अन्य कार्यों के लिए आयकर विभाग की ओर से जो नया पोर्टल लांच किया गया है, उसके सही तरीके से काम न करने की वजह से ही करदाताओं की परेशानी बढ़ गई है। पिछले कई दिनों से ठप हुए पोर्टल ने इधर कुछ काम करना शुरू जरूर किया है लेकिन इसमें भी बीच-बीच में काम अटक जा रहा है।
ऐसे में करदाताओं को कर सलाहकार, कर अधिवक्ताओं के कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। यहां भी कोई राहत नहीं मिल पा रही हैं, जब तक नया पोर्टल पूरी तरह से काम नहीं करना शुरू कर देगा, तब तक राहत मिलने की संभावना नहीं दिखती है।
आयकर विभाग के नियमानुसार करदाताओं को हर साल रिटर्न दाखिल करना होता है। इसके अलावा बैंक से कर्ज लेने, अपील फाइल करने, डिजिटल सिग्नेचर के पंजीकरण आदि का काम भी करना होता है। इस बीच आयकर विभाग ने जो नया पोर्टल लांच किया हैं, उसके काम न करने की वजह से परेशानी बढ़ रही है। इसके लिए आयकर विभाग के साथ ही लोग कर अधिवक्ताओं के पास पहुंच रहे हैं, यहां भी उनके कार्य में पोर्टल का सही तरीके से न चलना बाधक बना है।
पिछले दिनों आल इंडिया फेडरेशन आफ टैक्स प्रैक्टिशनर्स के पदाधिकारियों की ओर से वित्तमंत्री को भेजे पत्र में समस्याओं की जानकारी देने के साथ ही पोर्टल को सही करने की मांग की गई थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है। करदाताओं को भी हर दिन वापस करना पड़ रहा है।
...तब तक पुराने पोर्टल को ही चालू करना चाहिए
प्रत्यक्ष कर समिति के अध्यक्ष आसिम जफर ने कहा कि अप्रैल के बाद जब से नया पोर्टल लांच हुआ है, तभी से यह समस्या बनी है। बीच में कुछ ठीक हुआ तो फिर वहीं स्थिति हो गई है। न रिटर्न फाइल हो पा रहा है न ही अन्य काम। सरकार को पोर्टल की गड़बड़ी जल्द दूर करानी चाहिए। इस समस्या से करदाता तो परेशान हैं ही, सरकार को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिशनर्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओपी शुक्ला ने कहा कि जब तक नया पोर्टल सही तरीके से काम नहीं कर रहा है, तब तक पुराने पोर्टल को ही चालू करना चाहिए, जिससे कि लोगों को राहत मिले। नए पोर्टल के सही न चलने की वजह से अपील फाइल होने, रिर्टन दाखिल करने, चालान सहित अन्य कामकाज प्रभावित हैं। वित्तमंत्री से भी मांग की गई है।