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जरा संभल कर चलिए, खुले पड़े हैं नाले और मैनहोल
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नगर निगम ने इस साल समय से नालों की सफाई नहीं कराई जबकि बारिश पहले ही शुरू हो गई। ऐसे में जलभराव होने पर पानी निकालने के लिए नालों और मैनहोल के ढक्कन हटा दिए गए। जो अब जानलेवा बन गए हैं। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है। वहीं, शहर के कई इलाकों में मैनहोल के ढक्कन क्षतिग्रस्त हैं। बादशाह बाग कॉलोनी के पास दो जगहों पर यही हाल है। एक ढक्कन के ऊपर बोर्ड लगाकर रखा गया है ताकि उसमें कोई गिरकर हादसे का शिकार न हो। सिगरा स्टेडियम के सामने नालों के ऊपर लगा ढक्कन हटा दिया गया है। इससे आवागमन में दिक्कत हो रही है। लोगों ने कई बार शिकायत की, लेकिन जिम्मेदार सुध नहीं ले रहे हैं। वहीं, दुकानों के सामने खुले नालों की वजह से दुकानदारी प्रभावित हो रही है। बदबू और गंदगी की वजह से ग्राहक नहीं आ रहे। कुछ जगहों पर मैनहोल का ढक्कन पूरी तरह टूट चुका है। डिवाइडर रोड तक 2.5 किमी सड़क पर एक दर्जन से ज्यादा मैनहोल हैं, लेकिन इन पर ढक्कन लगाने में लापरवाही बरती गई। ऐसे में कई जगह पर ढक्कन सड़क से एक से डेढ़ फीट ऊपर नजर आ रहे हैं तो कई जगहों पर सड़क में धंसे पड़े हैं।
कोट
जहां जहां ढक्कन टूटने या क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें हैं। वहां उन्हें लगाने का निर्देश दिया गया है। कुछ जगहों पर नालों की सफाई के लिए ढक्कन हटाए गए हैं। काम पूरा होने के बाद उसे सही करा दिया जाएगा।
रघुवेंद्र कुमार, महाप्रबंधक जलकल
इनसेट
पहले लगते थे कांति मिट्टी के ढक्कन
पहले वाराणसी में मैनहोल के ढक्कन कांति मिट्टी के लगे थे। जिनमें छेद हुआ करता था, इससे बारिश का पानी आसानी से निकल जाता था। अब पत्थर और कंक्रीट के ढक्कन लगाए जा रहे हैं। जो अकसर भारी वाहनों के दबाव से टूट जाते हैं। इनकी अकसर मरम्मत की आवश्यकता होती है।
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इनसेट
कई बार होती है मरम्मत
हर बार सड़क बनाने के दौरान मैनहोल के ढक्कन नीचे हो जाते हैं। इन्हें बार बार दुरुस्त कर ऊपर करना पड़ता है। हर बार सड़क बनाने के दौरान यह शिकायत आती है। पहले सड़क निर्माण के पूर्व मैनहोल के ढक्कन को ऊंचा किया जाता था। इसके बाद सड़क निर्माण होता था।
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जहां जहां ढक्कन टूटने या क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें हैं। वहां उन्हें लगाने का निर्देश दिया गया है। कुछ जगहों पर नालों की सफाई के लिए ढक्कन हटाए गए हैं। काम पूरा होने के बाद उसे सही करा दिया जाएगा।
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रघुवेंद्र कुमार, महाप्रबंधक जलकल
इनसेट
पहले लगते थे कांति मिट्टी के ढक्कन
पहले वाराणसी में मैनहोल के ढक्कन कांति मिट्टी के लगे थे। जिनमें छेद हुआ करता था, इससे बारिश का पानी आसानी से निकल जाता था। अब पत्थर और कंक्रीट के ढक्कन लगाए जा रहे हैं। जो अकसर भारी वाहनों के दबाव से टूट जाते हैं। इनकी अकसर मरम्मत की आवश्यकता होती है।
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कई बार होती है मरम्मत
हर बार सड़क बनाने के दौरान मैनहोल के ढक्कन नीचे हो जाते हैं। इन्हें बार बार दुरुस्त कर ऊपर करना पड़ता है। हर बार सड़क बनाने के दौरान यह शिकायत आती है। पहले सड़क निर्माण के पूर्व मैनहोल के ढक्कन को ऊंचा किया जाता था। इसके बाद सड़क निर्माण होता था।