{"_id":"6a73910998dc2c3daa0b6bcb","slug":"tableaux-of-baba-barfani-and-markandeya-mahadev-will-be-seen-alongside-the-kotwal-of-kashi-varanasi-news-c-20-vns1056-1494552-2026-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: काशी के कोतवाल संग दिखेगी बाबा बर्फानी और मार्कंडेय महादेव की झांकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: काशी के कोतवाल संग दिखेगी बाबा बर्फानी और मार्कंडेय महादेव की झांकी
विज्ञापन
बाबा कालभैरव के हिम शृंगार में इस बार बाबा अमरनाथ (बाबा बर्फानी) और मार्कंडेय महादेव की झांकी भी नजर आएगी। बाबा कालभैरव का गर्भगृह कामिनी की पत्तियों, रुद्राक्ष और देशी-विदेशी सुगंधित फूलों से सजाया जाएगा। एक लाख श्रद्धालु काशी के कोतवाल के दरबार में हाजिरी लगाएंगे।
हिम शृंगार के लिए मंदिर के बाहर 500 मीटर तक रंग-बिरंगी लाइट से पूरे रास्ते को सजाया गया है। मंदिर के पुजारी पवन उपाध्याय ने बताया कि बृहस्पतिवार को पूरे मंदिर परिसर को 101 रंग-बिरंगी बर्फ की सिल्लियों और लगभग पांच क्विंटल कामिनी की हरी-भरी पत्तियों से प्राकृतिक रूप से सुसज्जित किया जाएगा। धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत मंगला आरती से होगी। इसके बाद 11 वेदपाठी ब्राह्म बाबा कालभैरव का विशेष अभिषेक कराएंगे।
बाबा को पंचमेवा से स्नान कराया जाएगा। बाबा को नए भव्य राजसी वस्त्र धारण कराए जाएंगे और स्वर्ण मुकुट से सुसज्जित किया जाएगा। दोपहर एक बजे बाबा की मुख्य भोग आरती होगी। इसके बाद मुख्य शृंगार और मंदिर की साज-सज्जा के लिए पट बंद कर दिए जाएंगे। अपराह्न तीन बजे मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। रात 12 बजे तक दर्शन होंगे। शाम को भजन संध्या का आयोजन होगा। कलाकारों की भक्तिमय प्रस्तुतियों से पूरा काशी क्षेत्र शिव-भैरव के जयकारों से गुंजायमान रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
हिम शृंगार के लिए मंदिर के बाहर 500 मीटर तक रंग-बिरंगी लाइट से पूरे रास्ते को सजाया गया है। मंदिर के पुजारी पवन उपाध्याय ने बताया कि बृहस्पतिवार को पूरे मंदिर परिसर को 101 रंग-बिरंगी बर्फ की सिल्लियों और लगभग पांच क्विंटल कामिनी की हरी-भरी पत्तियों से प्राकृतिक रूप से सुसज्जित किया जाएगा। धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत मंगला आरती से होगी। इसके बाद 11 वेदपाठी ब्राह्म बाबा कालभैरव का विशेष अभिषेक कराएंगे।
विज्ञापन
बाबा को पंचमेवा से स्नान कराया जाएगा। बाबा को नए भव्य राजसी वस्त्र धारण कराए जाएंगे और स्वर्ण मुकुट से सुसज्जित किया जाएगा। दोपहर एक बजे बाबा की मुख्य भोग आरती होगी। इसके बाद मुख्य शृंगार और मंदिर की साज-सज्जा के लिए पट बंद कर दिए जाएंगे। अपराह्न तीन बजे मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। रात 12 बजे तक दर्शन होंगे। शाम को भजन संध्या का आयोजन होगा। कलाकारों की भक्तिमय प्रस्तुतियों से पूरा काशी क्षेत्र शिव-भैरव के जयकारों से गुंजायमान रहेगा।
विज्ञापन