तारिक ने बीएचयू के वीसी पर लगाया आरोप, भाषण रोकने का प्रयास किया
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पहली बार बनारस पहुंचे लेखक और एक्टिविस्ट तारिक फतेह का शुक्रवार को बीएचयू का कार्यक्रम विवाद में आ गया। विवाद तारिक फतह के ट्वीट से शुरू हुआ। तारिक ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि कुलपति ने बीएचयू में उनका कार्यक्रम नहीं होने दिया। जिस ऑडिटोरियम में कार्यक्रम होना था, उसकी बुकिंग कैंसल कर दी गई। हालांकि हकीकत यह है कि बीएचयू केएन उडुप्पा सभागार में डेढ़ घंटे तक उनका कार्यक्रम हुआ, जिसमें करीब 500 लोगों के बीच 45 मिनट तक उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान ऐसा कुछ भी जाहिर नहीं हुआ कि बीएचयू प्रशासन ने प्रत्यक्ष तौर पर उनके कार्यक्रम को रोका हो। कार्यक्रम के बाद ट्वीट कर तारिक फतह ने यह भी कहा कि उनको भाषण को बीच में रोकने की कोशिश की गई। हॉस्टल के छात्रों को कार्यक्रम में जाने से मना किया गया। उन्होंने दुख भी जाहिर किया कि अभिव्यक्ति के अधिकार का हिंदुस्तान में यही हश्र है। हालांकि बीएचयू इसमें फेल हुआ।
शाम को एक अन्य ट्वीट में उन्होंने फिर कहा, बीएचयू कुलपति ने कैंपस में मेरे भाषण को रोकने का असफल प्रयास किया। लूजर।VC of Banaras Hindu University tries to shut down my talk. Booking of auditorium ws cancelled; students in hostels told not to attend. Wow! https://t.co/sy0KzSnZPa
— Tarek Fatah (@TarekFatah) January 13, 2017विज्ञापनविज्ञापन विज्ञापन
Very sad reflection the status of 'Freedom of Speech' in India. Howe, where Kolkata & Chandigarh succeeded in silencing me, BHU failed https://t.co/E78jAkfz1D
— Tarek Fatah (@TarekFatah) January 13, 2017
Sad. The Vice Chancellor of Banaras Hindu University @VCofficeBHU tries unsuccessfully to shut down my talk at the BHU Campus today. Loser. pic.twitter.com/BYTmUateYo
— Tarek Fatah (@TarekFatah) January 13, 2017
तारिक फतह के आरोप निराधार और गलत
मामले में कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने तारिक फतह के आरोप निराधार और गलत बताए हैं। कहा, उन्हें (तारिक फतह) कुछ भी बोलने से पहले विश्वविद्यालय की व्यवस्था को समझना चाहिए। मुझे उनके कार्यक्रम की जानकारी ही नहीं थी। कार्यक्रम रोकने का कोई सवाल ही नहीं।
तारिक फतह जवाब दें कि उनका कार्यक्रम फिर बीएचयू में हुआ कैसे?
हॉस्टल में किसी भी छात्र को कार्यक्रम में जाने से मना नहीं किया गया। कुलपति ने कहा, अगर कोई दिक्कत थी तो कार्यक्रम आयोजक प्रो. कौशल किशोर मिश्रा को मुझे बताना चाहिए था। प्रो. मिश्र का पठन-पाठन से लेना-देना नहीं है।
तीन महीने में उन्होंने 25 से अधिक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार कराए और हमेशा तारिक फतह जैसे वक्ताओं को ही आमंत्रित किया है।
उधर, प्रो. मिश्रा ने कहा, हॉस्टल के छात्रों को कार्यक्रम में आने से रोका गया है।
ऑडिटोरियम की बुकिंग कैंसल करने का आरोप गलत है। कार्यक्रम के दौरान अपने स्वागत भाषण में भी प्रो. मिश्रा ने कहा था कि उन पर यह कार्यक्रम न करने का दवाब बनाया गया था।
तीन तलाक का समर्थन कर रहे मौलानाओं को बद्दुआ लगेगी
उन्होंने कहा कि बीबीयों को तीन तलाक का अधिकार दिया जाए ताकि जब चाहें वो तब पति को तलाक दे सकें। कहा कि बेटियों के साथ शरिया के नाम पर जुल्म हो रहा है। कम उम्र में उनकी शादी कर दी जा रही है। कहा कि तीन तलाक शरियत के खिलाफ है।
उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वे अरबों की नकल छोड़ें और आधुनिकता अपनाएं। तारिक ने बताया कि आतंकवाद और धर्म का गहरा ताल्लुक है। बताया कि आतंकवादी मानते हैं कि जिंदगी मौत के बाद शुरु होती है, इसलिए वे अपने जीवन का कोई मूल्य नहीं समझते।