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BHU में नौ माह के बच्चे की सर्जरी: डॉक्टरों ने पहली बार निकाली ऐसी पथरी, डिस्चार्ज होते ही दंपती के छलके आंसू

Tue, 01 Apr 2025 03:51 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Tue, 01 Apr 2025 03:51 AM IST
सार

आईएमएस बीएचयू के डाॅक्टरों ने बच्चे का सफल इलाज किया है। ऑपरेशन थिएटर से बाहर निकलते ही परिजन खुश हो गए, जब उन्होंने सुना किया बच्चा अब स्वस्थ्य है। पांच दिन बाद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ होकर सोमवार को डिस्चार्ज हो गया।

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Surgery of child in BHU Doctors removed stone for first time couple burst into tears after discharged of baby
बच्चे का इलाज करते आईएमएस बीएचयू के डाॅक्टर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

IMS BHU Varanasi: वाराणसी। आईएमएस बीएचयू में डॉक्टरों ने 9 महीने के एक बच्चे की जटिल सर्जरी कर दो जगह से पथरी निकाली है। यूरोलॉजी विभाग की टीम ने थूलियम फाइबर लेजर विधि से पहली बार इतनी कम उम्र के बच्चे की सर्जरी की है। 

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करीब दो घंटे से अधिक समय तक चली सर्जरी में बच्चे की पेशाब की थैली और बाईं किडनी में फंसी 1-1 पथरी निकाली गई। पांच दिन बाद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ होकर सोमवार को डिस्चार्ज हो गया।
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गाजीपुर निवासी बच्चे को लंबे समय से सही से पेशाब न होने की समस्या थी। परिजनों के यूरोलॉजी विभाग में दिखाने के बाद यहां एसोसिएट प्रो. डॉ. यशस्वी सिंह ने जांच करवाई तो पता चला कि बच्चे की पेशाब की थैली में डेढ़ सेंटीमीटर और गुर्दे में ढाई सेंटीमीटर की पथरी है।
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इसके बाद परिजनों की अनुमति से सर्जरी शुरू हुई। आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार, यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. समीर त्रिवेदी के निर्देशन में बच्चे की सफल सर्जरी हुई।

लेजर तकनीक से अलग-अलग सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी
डॉ. यशस्वी ने बताया कि लेजर तकनीक से मरीज को दो अलग-अलग सर्जरी करने की जरूरत नहीं पड़ी। यह तकनीक न केवल कम आक्रामक है, बल्कि इससे मरीज की रिकवरी भी जल्दी होती है। लेजर सर्जरी से खून की कमी भी होती है और अस्पताल में रहने की अवधि भी घटती है, जिससे मरीजों को जल्दी स्वस्थ होने में मदद मिलती है।

टीम में इनका रहा योगदान
सर्जरी टीम का डॉ. उज्जवल कुमार और डॉ ललित कुमार ने किया। साथ ही सर्जरी टीम में डॉ. अविरल और डॉ. मदन भी शामिल रहे। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. अरविंद और नर्सिंग स्टाफ भगवान ने भी सहयोग किया।

बीएचयू में पहली बार 9 महीने के बच्चे की लेजर तकनीक से सर्जरी करने वाली टीम को बधाई दी। लेजर सर्जरी की सुविधा शुरू होने से मरीजों को भी बड़ी सहूलियत हो रही है। जरूरत के हिसाब से सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। ताकि जटिल सर्जरी भी आसानी से हो सके। - प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस बीएचयू

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