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थम गए सुर ताल, न आयोजन हो रहे न आमदनी, सरकार से ही आस

Sat, 29 May 2021 01:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 29 May 2021 01:36 AM IST
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Sur tal stopped, neither organizing nor earning, hope from government
कोरोना ने नटराज की नगरी में सुर-ताल पर बंदिशें लगा रखी हैं। दूसरी लहर ने तो कलाकारों की कमर तोड़ दी है। सबसे बदहाल स्थिति संगतकार और छोटे कलाकारों की है। बनारस घराने की संगीत गली में सन्नाटा पसरा हुआ है। सारंगी, तबला, शहनाई, तानपुरा, सितार, सरोद, संतूर और बांसुरी के सात सुरों से मोहने वाली कबीरचौरा की गलियों में अब खामोशी है। कोरोना संक्रमण के कारण शिष्यों का आना बंद होने से गुरुओं की गद्दी भी खाली है।
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कलाकारों की हालत इतनी खराब है कि हाल पूछो तो ऐसा लगता है किसी ने दुखती रग पर हाथ रख दिया हो। पिछले साल से ही महफिलों का दौर जो बंद हुआ अभी तक दोबारा शुरू नहीं हो सका। ऑनलाइन आयोजन हो भी रहे हैं तो केवल गिने-चुने। मंच से जीविका चलाने वालों के सामने तो बेरोजगारी चरम पर पहुंच चुकी है। कलाकारों से जब पूछा तो आंसू छलक उठे। संगीत के शिखर पर पहुंचे कलाकारों की हालत भी ठीक नहीं है।
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न कह सकते हैं न हाथ पसार सकते हैं
महफिलों के सहारे जीवन यापन करने वाले कलाकारों की स्थिति सबसे अधिक बदहाल है। न तो महफिल सज रही है और न ही कोई आयोजन हो रहे हैं। मंच से जीविका चलाने वाले कलाकार तो भुखमरी की कगार पर पहुुंच चुके हैं। कलाकारों की हालत तो ऐसी हो गई कि वह किसी से कह भी नहीं सकते और किसी के सामने हाथ भी नहीं पसार सकते।
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सरकार के प्रयास से ही सुधरेगी हालत
कोरोना संक्रमण काल में तो प्राइवेट कंसर्ट पूरी तरह से बंद हैं। सरकार को गंभीर प्रयास करने होंगे तभी कलाकारों की हालत सुधरेगी। दो साल से देश और विदेश के आयोजन स्थगित हैं। कोई कलाकारों की सुध लेने वाला नहीं है। संगतकार और छोटे कलाकारों की हालत तो सबसे ज्यादा खराब है।-प्रभात महाराज, तबला वादक
दर्शक और मंच के बिना साज-संगीत अधूरा
कोरोना काल ने तो संगीत की रौनक ही छीन ली है। पिछले साल से ही न कोई महफिल सज रही है और न ही कोई आयोजन हो रहा है। हम लोग कैसे गुजर बसर कर रहे हैं कोई झांकने तक नहीं आया है। दूसरी लहर ने तो कुछ भी कहने लायक नहीं छोड़ा है। आमदनी के सभी जरिए बंद हैं।-पं. गणेश प्रसाद मिश्र, शास्त्रीय गायक
कोरोना की दूसरी लहर ने सब कुछ कर दिया है ठप
कोरोना की दूसरी लहर ने तो सब कुछ ठप कर दिया है। पिछले साल ही आयोजन और महफिलों का दौर तो बंद चल रहा था। हर जगह से आमदनी के रास्ते भी बंद हो गए हैं। शिष्यों की मदद से काम चल रहा है। सरकार ने अगर कलाकारों पर ध्यान नहीं दिया तो सब केवल स्मृतियों में ही रह जाएंगे।-पं. पूरण महाराज, तबलावादक

मंच पर आश्रित कलाकारों की हालत खराब
बनारस घराने के सभी कलाकार पूरी तरह से मंच पर आश्रित हैं। कोरोना काल ने तो कलाकारों को बेरोजगार कर दिया है। कभी सोचा नहीं था कि ऐसी परिस्थितियां देखनी पडेंगी। स्थितियां अब नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। ऐसा ही रहा तो हालात बदतर हो जाएंगे। सरकार को ध्यान देना होगा। -विशाल कृष्ण, कथक नर्तक
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