छात्रों के आगे झुका काशी विद्यापीठ, प्रदर्शन के चलते एलएलबी प्रवेश परीक्षा निरस्त, जानिए वजह
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की एलएलबी प्रवेश परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने देर शाम यह निर्णय लिया। प्रवेश परीक्षा के लिए जल्द ही नई तारीख की घोषणा की जाएगी।
एलएलबी प्रवेश परीक्षा में नकल की शिकायत होने पर छात्र इसको निरस्त करने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। बुधवार को एलएलबी प्रवेश परीक्षा को निरस्त कराने की मांग पर छात्रों ने प्रशासनिक भवन पर तालाबंदी करके धरना देना शुरू कर दिया।
छात्रों की मांग थी कि विश्वविद्यालय द्वारा बढ़ाई गई फीस को वापस लिया जाए और एलएलबी की प्रवेश परीक्षा को निरस्त किया जाए। छात्रों का नेतृत्व करते हुए पूर्व महामंत्री छात्रसंघ समीर कुमार मिश्रा ने कहा कि 40 दिनों से शिकायत के बाद भी अब तक प्रवेश परीक्षा का निरस्त नहीं हुई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने मनमानी करते हुए बेतहाशा फीस में वृद्धि कर दी है। दो घंटे धरने के बाद सीओ चेतगंज के हस्तक्षेप के बाद छात्र प्रतिनिधि कुलपति से वार्ता करने पहुंचे। इस दौरान थोड़ी बहस भी हुई।
इसके उपरांत कुलपति ने परीक्षा समिति व वित्त समिति की बैठक बुलाई और देर शाम को प्रवेश परीक्षा को निरस्त करने का आदेश दे दिया। देर शाम तक छात्रों का समूह प्रशासनिक भवन पर डटा रहा। प्रवेश परीक्षा निरस्त होने की सूचना मिलने के बाद छात्रों का धरना समाप्त हो गया।
प्रदर्शन करने वालों में अनित पटेल, दिग्वंत पांडेय, पवन यादव, रोशन राय, शुभम सेठ, अंशु कुमार मिश्रा, सोनू शुक्ला, शशि राय, पवन मिश्रा, शशि शेखर, दीपक सिंह, उपेंद्र यादव, श्वेता राय, ऋषभ पांडेय आदि शामिल रहे।
काशी विद्यापीठ के कुलसचिव डॉ साहब लाल मौर्य ने बताया कि एलएलबी की प्रवेश परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है। जल्द ही नई प्रवेश परीक्षा की तिथि घोषित की जाएगी।